Waqf Board: वक्फ बोर्ड का क्या है मतलब, भारत में यह कहां से आया? यहां जानिए.. हर सवाल का जवाब Panchayat 4 Release Date: पंचायत 4 की रिलीज डेट का एलान, इस दिन आएगी मोस्ट अवेटेड सीरिज Bihar News: 2 आत्महत्या से पटना में मची सनसनी, सुसाइड लेटर बरामद होने के बाद जांच में जुटी पुलिस Crime News: बेंगलुरु में बिहार की मजदूर के साथ दुष्कर्म, भाई को भी पीटा Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल के समर्थन में मुजफ्फरपुर के गरीबनाथ मंदिर में हवन, होली और दिवाली भी मनाई गई Bihar News: बिहार के आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रहा कौन सा खेल? क्लासरूम में झाड़ू लगाते दिखे मासूम बच्चे; वीडियो हुआ वायरल Ration card : बिहार में 1.5 करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड होंगे रद्द, ई-केवाईसी के लिए नहीं मिलेगा और समय Bihar News: वाल्मीकिनगर के जंगल में लगी आग, करीब 6 एकड़ जंगल जलकर राख; रिहायशी इलाकों का रूख कर रहे वन्यजीव Vastu Tips : सही दिशा में रखें ये चीजें, घर में बनी रहेगी खुशहाली और धन की बरकत Bihar Road Project: बिहार की इन 12 'टूलेन- फोरलेन-सिक्सलेन' पर इसी साल से दौड़ने लगेंगी गाड़ियां, आपके आस-पास की सड़कें भी हैं शामिल, जानें...
01-Apr-2025 08:09 AM
BIHAR NEWS : बिहार आज यानी एक अप्रैल से ऑटो और ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसे लागू करने के लिए यातायात पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली है। मंगलवार से जो भी ऑटो और ई-रिक्शा स्कूली बच्चों को ढोते पाए जाएंगे, उनपर यातायात पुलिस कार्रवाई करेगी। इसके लिए ट्रैफिक एसपी ने कर्मियों को निर्देश जारी किया है।
जानकारी के अनुसार, राजधानी में सुबह से ही प्रमुख चौक-चौराहे सहित स्कूलों के समीप यातायात पुलिस की टीम तैनात नजर आ रही है। ऐसे में सरकारी निर्देश के बावजूद परिचालन करते पाए जाने पर ऑटो और ई-रिक्शा मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा। राजधानी में नियमों के विपरीत ऑटो और ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा है। उन वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के उपाय तो दूर तीन यात्री की सीट पर आठ से 10 बच्चों को ठूंस कर बिठाया जा रहा है।
इसके साथ ही साथ अप्रशिक्षित चालक होने के कारण ऑटो और ई-रिक्शा से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। पटना में करीब पांच हजार ऑटो और ई-रिक्शा स्कूली सेवा में लगे हैं। ऐसे में इन लोगों पर एक्शन को लेकर आयकर गोलंबर, डाकबंगला चौराहा, बोरिंग रोड और दीघा चौराहे के अलावा स्कूलों के समीप यातायात पुलिस मौजूद रहेगी। परिवहन विभाग भी स्थिति पर नजर रखेगा। जुर्माना के अलावा वाहन जब्त भी किए जा सकते हैं।
मालूम हो कि, स्कूली बच्चों को ढोने वाले वाहनों के लिए नियम तय हैं। वाहन का रंग पीला और चालक प्रशिक्षित होने के साथ ही बच्चों की सुरक्षा के लिए खिड़की पर ग्रिल लगा होना चाहिए। वाहन में प्राथमिक चिकित्सा किट और आग बुझाने वाले उपकरण अनिवार्य हैं। इसके बाद ही किसी वाहन को स्कूली बच्चे ले जाने की अनुमति दी जाती है।
इधर, ऑटो और ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल नहीं ले जाया जाएगा। इसका फैसला तमाम ऑटो यूनियनों ने लिया है। मंगलवार से कई स्कूल खुल रहे हैं। ऑटो और ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल नहीं ले जाने के आदेश का विरोध तमाम ऑटो यूनियन कर रहे हैं। इसको लेकर ऑटो यूनियन द्वारा बुधवार को गर्दनीबाग में धरना भी दिया जाएगा।