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29-Dec-2025 08:36 PM
By First Bihar
PATNA: आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। बिहार पुलिस की विशेष इकाई आतंकवाद निरोध दस्ता (ATS) के 5 नए क्षेत्रीय कार्यालय खोले जाएंगे। ये कार्यालय पटना, गया, मोतिहारी, दरभंगा और पूर्णिया में स्थापित किए जाएंगे।
इस बात की जानकारी पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने दी। उन्होंने बताया कि पटना स्थित ATS मुख्यालय के अलावे 4 नए क्षेत्रीय कार्यालयों के गठन का प्रस्ताव तैयार कर गृह विभाग को भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद कमांड ऑफिस के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एडीजी दराद ने बताया कि इन क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत आसपास के जिलों को जोड़ा जाएगा, जिससे ATS की कार्यक्षमता और निगरानी क्षमता में वृद्धि होगी। इन कार्यालयों की जिम्मेदारी आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ धार्मिक उन्माद, राष्ट्रविरोधी और संगठित आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने की होगी। ये इकाइयां स्पेशल ब्रांच के समानांतर कार्य करेंगी और प्रत्येक कार्यालय की कमान डीएसपी रैंक के अधिकारी के पास होगी।
उन्होंने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों पर ATS लगातार निगरानी रखता है। इसके अलावा, राष्ट्रविरोधी मामलों में जेल से रिहा हुए व्यक्तियों पर भी नजर रखी जाती है और उनसे संबंधित सूचनाएं एकत्र की जाती हैं। सोशल मीडिया निगरानी के तहत अब तक 176 लोगों को चरमपंथी विचारधारा से जुड़ा पाया गया है, जिनमें से 12 लोगों को काउंसलिंग के जरिए मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया गया है।
एडीजी ने यह भी बताया कि राज्य के सभी थानों में एक अधिकारी और एक सिपाही को विशेष रूप से आसूचना संकलन की जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब कारोबार, आतंकवाद और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़ी सूचनाएं जिला और मुख्यालय स्तर तक पहुंचाएंगे। यह कार्य जिला स्तर पर मौजूद CAT टीमों के साथ समन्वय में किया जाएगा।
इसके अलावा, ATS के अंतर्गत गठित विशेष स्वाट (स्पेशल वेपन एंड टैक्टिक्स) टीम राज्य के 257 संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही है। बीते वर्ष 194 और इस वर्ष अब तक 41 स्थानों पर मॉक ड्रिल और रेकी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अब तक ATS के 176 कमांडो को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जो मानेसर और कोलकाता स्थित प्रशिक्षण केंद्रों में संपन्न हुआ है।