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29-Apr-2025 08:10 AM
By First Bihar
BIHAR POLICE : यदि आप पुलिस में जॉब करते हैं और छोटी-छोटी बातों में आकर अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकाल लेते हैं। तो अभी ही मौका है कि आप अपनी आदत सुधार लें, क्योंकि इस रिवॉल्वर की मदद से अपराधियों को पकड़ कर जिस जगह भेजने की ट्रेनिंग आपको दी जाती है उसी जगह आपको भी जाना पड़ सकता है। अब यह बातें इसलिए कह रहे हैं कि क्योंकि हाल ही में यह वाकया हुआ है और बिहार पुलिस के एक बड़े अपराधी को अब अरेस्ट करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। आइए जानते हैं पूरी खबर को थोड़ा विस्तार से।
दरअसल, सासाराम में अपनी सर्विस रिवॉल्वर से एक की हत्या और चार को जख्मी करने के मामले में पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं होने पर पटना हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है। इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कोर्ट ने आरोपित पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी का आदेश सीधे डीजीपी को दिया है। इसके बाद अब इस पुलिस अधिकारी को कभी भी अरेस्ट किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि, इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि पुलिस के लिए देश का कानून अलग नहीं है। कोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार सुनिश्चित करने और इस दिशा में की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट पेश करने का आदेश भी दिया। न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकलपीठ ने राणा राहुल रंजन की आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया है।
इस मामले में आवेदक की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि घटना गत वर्ष 27 दिसम्बर की रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम स्थित टाउन थाना के समीप की है। सुधीर, अतुल, विकास, अनिकेत, विनोद और राणा ओम प्रकाश अपने दोस्त शिवम की बर्थडे पार्टी मना रहे थे। उसी समय सासाराम के तत्कालीन ट्रैफिक डीएसपी आदिल बिलाल और उसके बॉडीगार्ड चंद्रमौली नागिया का इन युवकों के साथ बकझक हो गई। अचानक ट्रैफिक डीएसपी और उनके गार्ड अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। फायरिंग में चार जख्मी हो गये। वहीं ओम प्रकाश की मौत हो गई थी।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर सबके सामने यह हत्याकांड हुई। अगले दिन टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई, लेकिन अनुसंधान ठीक से नहीं हो रहा है। घटना के चार महीने बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस अफसर की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी को बचाने में लगी है।