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20-Sep-2025 02:32 PM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार में सड़क हादसों के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। राज्य की सड़कों पर शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब किसी परिवार को हादसे की वजह से अपनों को न खोना पड़े। लापरवाह ड्राइविंग और तेज रफ्तार का कहर लगातार मासूम जिंदगियों को निगल रहा है। इसी कड़ी में आरा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जिसने एक पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना बिहटा–आरा स्टेट हाईवे पर सिकरहटा थाना क्षेत्र के फतेहपुर बाजार के पास हुई। शुक्रवार को तेज रफ्तार से आ रही एक अज्ञात स्कॉर्पियो ने सामने चल रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार जमुआंव निवासी संतोष पाठक की पत्नी पूनम देवी (45 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत घायलों को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के समय पूनम देवी अपने दामाद विकास कुमार (निवासी बसड़ीहा, पिता गंगासागर उपाध्याय) और उनकी दो वर्षीय पुत्री के साथ मायके से जमुआंव लौट रही थीं। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने लापरवाही से बाइक में टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गई।
इस हादसे में विकास कुमार और उनकी छोटी बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। लेकिन पूनम देवी की मौत ने पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।
पूनम देवी अपने पीछे चार संतानें छोड़ गई हैं—बेटी रानी कुमारी (24), अनीमा पाठक (18), निशु पाठक (16) और बेटा बासुकी पाठक (20)। परिवार हाल ही में हजारीबाग में रह रहा था। अचानक हुई इस घटना से परिजन ही नहीं, बल्कि पूरा गांव शोक में डूब गया है। मृतका की संतानों के सिर से मां का साया उठ जाने से उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि हाईवे पर आए दिन तेज रफ्तार गाड़ियों की वजह से हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस पर लगाम लगाने में नाकाम है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बेलगाम वाहनों पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और दोषी वाहन चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही फरार स्कॉर्पियो और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। इलाके में नाकेबंदी कर छापेमारी की जा रही है ताकि दोषियों को पकड़कर कड़ी सजा दी जा सके।
यह हादसा एक बार फिर इस सवाल को खड़ा करता है कि आखिर कब तक तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग मासूम जिंदगियों को निगलती रहेगी। आंकड़े बताते हैं कि बिहार में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है और सबसे ज्यादा मौतें ओवरस्पीडिंग की वजह से हो रही हैं। आरा की यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए गहरा सदमा है, बल्कि पूरे समाज को यह संदेश देती है कि सड़क सुरक्षा अब अनदेखा करने लायक मुद्दा नहीं रह गया है।