National Youth Day : युवा दिवस विशेष: स्वामी विवेकानंद से जुड़ी 10 अनसुनी बातें, जो आज के युवाओं को देती हैं नई दिशा Bihar industrialists : बिहार के प्रमुख उद्योगपति: जिनकी मेहनत ने प्रदेश को दिलाई राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान PM Modi Office : साउथ ब्लॉक छोड़ 'सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स' में शिफ्ट होगा प्रधानमंत्री कार्यालय, 14 जनवरी से नए दफ्तर की संभावना Bihar weather : घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बाद बिहार में धूप से राहत, 48 घंटे बाद फिर लौटेगी शीत लहर सूखे नशे के खिलाफ सुपौल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक करोड़ से अधिक का गांजा और नशीली दवाइयां बरामद SSB ट्रेनिंग सेंटर में तैनात सब इंस्पेक्टर की मौत, सोते समय आया हार्ट अटैक Bihar Road Projects: इस फोरलेन सड़क परियोजना को केंद्र की मिली मंजूरी, बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार Bihar Road Projects: इस फोरलेन सड़क परियोजना को केंद्र की मिली मंजूरी, बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार उद्योगों के विकास से बिहार बनेगा समृद्ध, निवेशकों को सरकार कर रही है पूरा सहयोग: सम्राट चौधरी Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर क्यों खाया जाता है दही-चूड़ा? जानिए.. इसके हेल्थ बेनिफिट्स
21-Sep-2025 03:28 PM
By First Bihar
NITISH KUMAR : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के वकीलों के लिए एक बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि अब सरकार राज्य के सभी पंजीकृत वकीलों को प्रतिमाह 5000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी। सीएम नीतीश ने इस घोषणा को “न्याय व्यवस्था को सशक्त करने और अधिवक्ताओं को सम्मान देने की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम” बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में वकीलों की भूमिका बेहद अहम है। वे न केवल अदालतों में न्याय दिलाने का काम करते हैं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी जनता की आवाज बनते हैं। ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व है कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती दी जाए ताकि वे निश्चिंत होकर अपने पेशे का निर्वहन कर सकें।
कार्यक्रम में बोलते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि कई बार छोटे-छोटे कस्बों और जिलों में कार्यरत वकीलों को पर्याप्त आय नहीं मिल पाती। कई नए वकील तो शुरुआत के वर्षों में आर्थिक संकट से जूझते रहते हैं। उनकी स्थिति को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि उन्हें प्रतिमाह 5000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इस राशि का सीधा भुगतान लाभार्थी वकीलों के बैंक खाते में किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'नये वकीलों को तीन साल तक मिलेगा प्रतिमाह 5000 रुपये! एनडीए सरकार ने 1 जनवरी 2024 से नामांकित सभी नये अधिवक्ताओं को तीन वर्षों तक प्रतिमाह पांच हजार रुपये स्टाइपेंड दिए जाने वाले प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।इसका भुगतान बिहार राज्य बार काउंसिल के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य के अधिवक्ता संघों द्वारा अनुरोध किए जाने पर उन्हें ई-लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी।
बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को सहायता के रूप में 30 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। आयकर दायरे से नीचे की आय वाले अधिवक्ताओं को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से सहयोग और अधिवक्ता संघों में महिला वकीलों के लिए महिला शौचालय (पिंक टॉयलेट) की व्यवस्था की जाएगी। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में लगातार बिहार के सभी समाज के हित में विकास कार्य जारी है। हार्दिक आभार-धन्यवाद, अभिनंदन!'
सरकार के इस कदम से राज्य के हजारों वकीलों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ता समाज का वह वर्ग है जो गरीब से गरीब व्यक्ति को भी न्याय दिलाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने में मदद करता है। इसलिए उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को मिलेगा जो बिहार बार काउंसिल में पंजीकृत हैं और सक्रिय रूप से प्रैक्टिस कर रहे हैं। इसके लिए संबंधित विभाग जल्द ही आवेदन प्रक्रिया और दिशा-निर्देश जारी करेगा।
राज्य सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल वकीलों को राहत मिलेगी बल्कि न्यायिक व्यवस्था भी मजबूत होगी। आर्थिक सुरक्षा मिलने से अधिवक्ता अधिक ऊर्जा और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सीएम नीतीश कुमार ने भरोसा जताया कि इस निर्णय से वकील समुदाय में सकारात्मक माहौल बनेगा और न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए काम कर रही है। वकीलों को आर्थिक सहायता देना उसी दिशा में उठाया गया एक और कदम है।”