ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Road Accident : एक झटके में उजड़ गई 3 घरों की खुशियां, कटिहार में भीषण हादसा, गलत दिशा से आ रहे ट्रक ने बाइक में मारी टक्कर दुनिया को बड़ी राहत! अमेरिका-ईरान के बीच आखिरी वक्त पर हुआ युद्धविराम; क्या ये शांति की शुरुआत है या सिर्फ तूफान से पहले की शांति? Bihar News : आखिरी कैबिनेट मीटिंग? नीतीश कुमार के अगले कदम पर सबकी नजर, मीटिंग में बड़े फैसलों के संकेत; पढ़िए क्या हो सकता है स्पेशल BIHAR NEWS : बिहार में हथियार लाइसेंस पर सख्ती! हर महीने देनी होगी रिपोर्ट, 60 दिन में फैसला अनिवार्य Bihar Politics : मुरेठा से ‘मंजूरी’ तक : जानिए कैसे सम्राट चौधरी बने नीतीश कुमार के सबसे करीबी नेता, अब CM रेस में सबसे आगे Bihar Teacher news : बिहार में शिक्षक बनना अब आसान नहीं! 100 अंकों की मेरिट और इंटरव्यू के बाद ही मिलेगी नौकरी; जानिए पूरी चयन प्रक्रिया BIHAR NEWS : बिहार की 1 करोड़ जीविका दीदियों को मिलेगा बीमा कवरेज! सिर्फ ₹20–₹436 में 4 लाख तक का फायदा बिहार में बड़ा फैसला! सरकार ने इन अफसर और कर्मचारियों के ट्रांसफर पर लगा दी रोक, अब 2027 तक नहीं होगा तबादला; जानें पूरा अपडेट BIHAR NEWS : पटना समेत बिहार में बुधवार को तेज आंधी-बारिश का अलर्ट, हवा की रफ्तार 60 किमी/घंटा तक वंदे भारत पर पत्थर मारने वाले की ट्रेन में लगे CCTV फुटेज से हुई पहचान, गिरफ्तारी के बाद नालंदा के अजय को भेजा गया फुलवारी जेल

Home / bihar / पटना पुस्तक मेला: 15 करोड़ की ग्रंथ का अनावरण, 3 घंटे 24 मिनट...

पटना पुस्तक मेला: 15 करोड़ की ग्रंथ का अनावरण, 3 घंटे 24 मिनट में लेखक ने लिख डाले 408 पन्ने

पटना के गांधी मैदान पुस्तक मेले में 15 करोड़ रुपये मूल्य की 408 पन्नों वाली अनोखी ग्रंथ ‘मैं’ का अनावरण किया गया। लेखक रत्नेश्वर के अनुसार यह ग्रंथ उन्होंने मात्र 3 घंटे 24 मिनट में ब्रह्म मुहूर्त में लिखा, जिसमें आध्यात्मिक अनुभव, ब्रह्मलोक यात्रा औ

07-Dec-2025 08:07 PM

By First Bihar

PATNA: पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में चल रहे पुस्तक मेला इन दिनों पुस्तक प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 5 दिसंबर से शुरू हुए इस मेले में बड़ी संख्या में लोग अपनी पसंद की किताबें खरीदने पहुंच रहे हैं। मेले में विभिन्न प्रकाशकों के कई बुक स्टॉल लगाए गए हैं।


इसी पुस्तक मेले में रविवार को 15 करोड़ रुपये मूल्य की अनोखी ग्रंथ ‘मैं’ का अनावरण किया गया। दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया की सबसे महंगी पुस्तक है। आश्चर्य की बात यह है कि इस 408 पन्नों और 43 अध्यायों वाली ग्रंथ को लेखक रत्नेश्वर ने सिर्फ 3 घंटे 24 मिनट में लिख लिया। अनावरण के दौरान लेखक ने मीडिया को यह ग्रंथ नहीं दिखाया। लोग इस 15 करोड़ की किताब को देखना चाहते थे, इस ग्रंथ में क्या कुछ लिखा हुआ है, यह जानना चाहते थे लेकिन किसी भी मीडिया कर्मियों को इसे छूने तक नहीं दिया गया।  


लेखक के अनुसार, उन्होंने यह पुस्तक 6–7 सितंबर 2006 को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 3 बजे से 6:24 बजे के बीच लिखी थी। रत्नेश्वर का कहना है कि लेखन के दौरान उन्होंने ब्रह्मलोक यात्रा का अनुभव किया और यह ग्रंथ उनके आध्यात्मिक और ध्यान के दौरान प्राप्त हुए ‘ज्ञान की परम अवस्था’ का परिणाम है।


उन्होंने बताया कि यह ग्रंथ व्यक्ति के मानने से जानने की यात्रा का वर्णन करता है। लेखन के दौरान उन्होंने अपने भीतर और बाहर की अनुभूत यात्रा, रासलीला के प्रत्यक्ष साक्षात्कार और ध्यान-ज्ञान से प्राप्त अनुभवों को शब्दों में पिरोया है। रत्नेश्वर का दावा है कि यह ऐसा ग्रंथ है, जिसमें दुखों के अंत और ईश्वर-दर्शन का मार्ग मिलता है तथा मणिकार साधना के माध्यम से ‘मैं’ बनने के परम आनंद का अनुभव कराया गया है।


फिलहाल इस पुस्तक की सिर्फ तीन प्रतियां तैयार की गई हैं, जो दुनियाभर में उपलब्ध मानी जा रही हैं। रत्नेश्वर के अनुसार, यह पुस्तक 11 खास लोगों को सौंपी जाएगी, जिनकी खोज जारी है। उन्होंने कहा कि इसमें समाहित वैज्ञानिकता और अध्यात्म को समझना थोड़ा कठिन हो सकता है, लेकिन यह ग्रंथ केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं को जानने की दिशा में आगे बढ़ाता है।