1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 08, 2026, 9:22:23 AM
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US Iran ceasefire : मंगलवार शाम दुनिया को बड़ी राहत मिली जब संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समय में युद्धविराम (सीज़फायर) पर सहमति बन गई। यह समझौता उस समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं दिया, तो वह ईरान की “पूरी सभ्यता को खत्म” कर सकते हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस समझौते की घोषणा की। इससे पहले पाकिस्तान ने मध्यस्थता करते हुए अमेरिका से सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की थी और दोनों पक्षों के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव के तहत ईरान को तेल, गैस और अन्य जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने की शर्त शामिल थी।
समझौते के बाद एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान पर चल रहे अमेरिकी हमले रोक दिए गए हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान भी अपनी “रक्षात्मक कार्रवाई” रोक देगा और दो सप्ताह तक समन्वय के साथ जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी।
इस युद्धविराम में इज़राइल भी शामिल है, जिसने ईरान पर अपने हमलों को दो हफ्तों के लिए रोकने पर सहमति जताई है। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह समझौता दोनों पक्षों को स्थायी समाधान की दिशा में बातचीत का समय देगा।
यह संघर्ष फरवरी के अंत में शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू किए थे। हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे थे और युद्ध व्यापक रूप ले सकता था। ऐसे में पाकिस्तान और चीन की कूटनीतिक कोशिशों ने अहम भूमिका निभाई।
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इस समझौते को अपनी शर्तों की जीत बताया है। वहीं इस खबर का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत गिरकर 93 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 4% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5% तक चढ़ गया।
हालांकि, युद्धविराम की घोषणा के तुरंत बाद खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों—जैसे कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर—में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें भी आईं। यह स्पष्ट नहीं है कि ये हमले समझौते का उल्लंघन थे या आदेश लागू होने में देरी का परिणाम।
इस बीच, इज़राइली सेना ने दावा किया कि उसने ईरान में आठ रेलवे पुलों पर हमले किए। ईरानी मीडिया के अनुसार, काशान शहर में एक पुल पर हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई। युद्ध में भारी जनहानि भी हुई है। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, ईरान में 1600 से अधिक नागरिक, जिनमें 244 बच्चे शामिल हैं, मारे गए हैं। वहीं लेबनान में हिज़्बुल्लाह और इज़राइल के बीच संघर्ष में 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। खाड़ी देशों में भी हमलों में कई लोगों की जान गई, जबकि इज़राइल में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है। अमेरिका के 13 सैनिक भी इस संघर्ष में मारे गए हैं। फिलहाल, यह दो सप्ताह का युद्धविराम दोनों पक्षों के लिए राहत का मौका है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या यह अस्थायी समझौता स्थायी शांति का रास्ता खोल पाएगा या नहीं।