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Bihar Teacher news : बिहार में शिक्षक बनना अब आसान नहीं! 100 अंकों की मेरिट और इंटरव्यू के बाद ही मिलेगी नौकरी; जानिए पूरी चयन प्रक्रिया

बिहार में मॉडल स्कूलों में शिक्षक बनने की प्रक्रिया अब और सख्त हो गई है। शिक्षा विभाग ने 100 अंकों की मेरिट और इंटरव्यू को अनिवार्य कर दिया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 08, 2026, 7:50:23 AM

Bihar Teacher news : बिहार में शिक्षक बनना अब आसान नहीं! 100 अंकों की मेरिट और इंटरव्यू के बाद ही मिलेगी नौकरी; जानिए पूरी चयन प्रक्रिया

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Bihar Teacher news : बिहार में मॉडल स्कूलों में शिक्षक बनने की राह अब पहले से ज्यादा कठिन और प्रतिस्पर्धात्मक होने जा रही है। शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को पूरी तरह से अंक आधारित और बहु-स्तरीय बना दिया है। नए नियमों के तहत उम्मीदवारों को कुल 100 अंकों की प्रणाली में खुद को साबित करना होगा, जिसमें लिखित मानदंडों के साथ-साथ साक्षात्कार भी अहम भूमिका निभाएगा।


जानकारी के अनुसार, जिले के मॉडल स्कूलों में कुल 153 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और गुणवत्ता आधारित होगी, ताकि केवल योग्य और सक्षम शिक्षक ही चयनित हो सकें। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि इन विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित की जाए और छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।


चार प्रमुख आधार पर होगा मूल्यांकन

आवेदन करने वाले शिक्षकों का मूल्यांकन चार मुख्य मापदंडों पर किया जाएगा—शैक्षणिक योग्यता, शिक्षण अनुभव, पूर्व प्रदर्शन और व्यक्तिगत साक्षात्कार। इन सभी पहलुओं को मिलाकर उम्मीदवारों को अंक दिए जाएंगे और उसी के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।


शैक्षणिक योग्यता के अंतर्गत स्नातक, स्नातकोत्तर, बीएड/एमएड, एमफिल, पीएचडी जैसी डिग्रियों के साथ-साथ राष्ट्रीय या राज्य स्तर के पुरस्कारों को भी शामिल किया गया है। इस श्रेणी में अधिकतम 40 अंक निर्धारित किए गए हैं। वहीं शिक्षण अनुभव के लिए 30 अंक तय किए गए हैं, जिससे अनुभवी शिक्षकों को प्राथमिकता मिल सके।


साक्षात्कार में भी दिखानी होगी क्षमता

सिर्फ अकादमिक और अनुभव ही नहीं, बल्कि उम्मीदवारों को साक्षात्कार में भी अपनी योग्यता साबित करनी होगी। इंटरव्यू के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं, जिसमें अभ्यर्थियों के ज्ञान, विषय की समझ, पढ़ाने की क्षमता और व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाएगा।


पांच सदस्यीय समिति करेगी चयन

चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और संतुलित बनाए रखने के लिए एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा जिलाधिकारी द्वारा नामित एक महिला पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य और केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय या सैनिक स्कूल के प्राचार्य शामिल होंगे। डीईओ इस समिति में सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे।


आयु सीमा भी तय

युवा और ऊर्जावान शिक्षकों को मौका देने के लिए अधिकतम आयु सीमा 31 मार्च 2026 तक 50 वर्ष निर्धारित की गई है। इससे अधिक आयु के उम्मीदवार इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे।


दस्तावेजों की होगी कड़ी जांच

आवेदकों को अपने सभी दावों के समर्थन में स्व-अभिप्रमाणित दस्तावेज जमा करने होंगे। साथ ही इन दस्तावेजों का सक्षम प्राधिकारी जैसे डीईओ, हेडमास्टर, बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा सत्यापन भी अनिवार्य होगा। किसी भी तरह की गलत जानकारी पाए जाने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है।


कुल मिलाकर, बिहार के मॉडल स्कूलों में शिक्षक बनने की यह नई प्रक्रिया गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने वाली है। इससे उम्मीद की जा रही है कि योग्य और कुशल शिक्षक ही चयनित होंगे, जो छात्रों के भविष्य को बेहतर दिशा दे सकें।