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25-Sep-2025 07:47 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में 500 मेगावाट की क्षमता वाला सौर ऊर्जा आधारित बिजली घर स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। सौर ऊर्जा परियोजना को लेकर केंद्रीय कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दूबे ने राज्य के ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव को पत्र भेजा है, जिसमें इस परियोजना को बिहार में लागू करने का आग्रह किया गया है।
बताया गया है कि इस सोलर प्लांट के जरिए पटना जैसे बड़े शहर की आधी आबादी को बिजली आपूर्ति संभव हो सकेगी। साथ ही राज्य की कुल विद्युत आपूर्ति में से एक-तिहाई हिस्सा गैर-पारंपरिक स्रोतों से देने की अनिवार्यता का कोटा भी इस परियोजना से पूरा किया जा सकेगा। कोल इंडिया ने इसके लिए बिहार सरकार से पश्चिम चंपारण में उपयुक्त भूमि की मांग की है और बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) से आग्रह किया है कि वह प्रस्तावित सौर बिजली घर से उत्पादित बिजली की खरीद को लेकर शीघ्र ‘पावर परचेज एग्रीमेंट’ (PPA) करे।
कोल इंडिया ने इसके पहले बिहार के मुख्य सचिव और पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी को भी पत्र भेजकर परियोजना के लिए आवश्यक सहयोग की मांग की थी। केंद्र सरकार से मिले निर्देश के बाद पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी को कहा गया है कि वे भूमि का चयन कर इसकी सूचना कोल इंडिया को दें। सोलर उत्पादन की संभावनाओं की जांच के लिए कोल इंडिया की एक तकनीकी टीम जल्द ही पश्चिम चंपारण का दौरा करेगी। प्राथमिक जांच में कोल इंडिया ने जिले को भौगोलिक दृष्टि से उपयुक्त पाया है।
बिहार सरकार भी इस परियोजना को लेकर सक्रिय है। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि पश्चिम चंपारण में सोलर बिजली घर स्थापित करने को लेकर पावर जेनरेशन कंपनी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से राज्य को दीर्घकालिक लाभ होगा और नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी।
कोल इंडिया देश के अन्य राज्यों में भी सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। वर्तमान में वह गुजरात में 400 मेगावाट, राजस्थान में 2250 मेगावाट और उत्तर प्रदेश में 500 मेगावाट की सोलर परियोजनाओं पर काम कर रही है। वर्तमान समय में कोल इंडिया अपनी सहयोगी कंपनियों के माध्यम से 119 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन कर रही है।
बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर व्यापक प्रयास जारी हैं। राज्य में 1922 मेगावाट सौर बिजली की आपूर्ति पहले से हो रही है। लखीसराय के कजरा में देश का सबसे बड़ा बैटरी आधारित सोलर बिजली घर बनाया जा रहा है। इस परियोजना के पहले चरण में 185 मेगावाट और दूसरे चरण में 241 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इसके अलावा राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029-30 तक 23,968 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन किया जाए, जिसमें से 20,000 मेगावाट सौर ऊर्जा से प्राप्त की जानी है।
राज्य के 15 ग्रिड सब-स्टेशनों में बैटरी आधारित भंडारण परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं, जिनसे 125 मेगावाट (500 मेगावाट आवर) बिजली उत्पन्न होगी। इसके अलावा, सरकारी और गैर-सरकारी भवनों की छतों पर छोटे-छोटे सौर प्लेट लगाए जा रहे हैं और कृषि के लिए फीडर का सोलरीकरण किया जा रहा है। इस प्रयास से आने वाले वर्षों में किसानों को 752 मेगावाट तक बिजली मिल सकेगी। बिहार सरकार और कोल इंडिया के साझा प्रयास से पश्चिम चंपारण की यह परियोजना राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।