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Bihar News : “18 लाख महिलाओं के 10-10 हजार अटके! ‘महिला रोजगार योजना’ में फंसा पेच; जानिए क्या है वजह

बिहार में 18 लाख शहरी महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिलने वाली 10 हजार रुपये की राशि सत्यापन में देरी से अटक गई है।

24-Mar-2026 09:45 AM

By First Bihar

Bihar News : बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत शहरी क्षेत्र की करीब 18 लाख महिलाओं को मिलने वाली 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता फिलहाल अटक गई है। इसकी मुख्य वजह आवेदनों का सत्यापन कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाना बताया जा रहा है। नगर निकायों के माध्यम से प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों की जांच और उसके बाद समूह गठन की प्रक्रिया अभी जारी है, जिसके चलते भुगतान में देरी हो रही है।


जानकारी के मुताबिक, इन आवेदनों के सत्यापन का लक्ष्य 15 मार्च 2026 तक निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक यह कार्य पूरा नहीं हो सका है। सभी लंबित आवेदन शहरी क्षेत्रों की महिलाओं से जुड़े हैं। ऐसे में जीविका (JEEViKA) ने नगर विकास एवं आवास विभाग से सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाने और समूह गठन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।


समूह गठन के बाद ही मिलेगा लाभ

योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए महिलाओं का जीविका से जुड़ना अनिवार्य है। इसके लिए 10 से 12 महिलाओं का एक समूह बनाया जाता है। समूह बनने के बाद ही संबंधित महिलाओं को योजना का लाभार्थी माना जाएगा और उनके बैंक खातों में राशि हस्तांतरित की जाएगी। फिलहाल जीविका के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अंतिम सूची का इंतजार है। सूची मिलते ही भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।


हालांकि अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि चालू वित्तीय वर्ष, यानी 31 मार्च 2026 तक सभी लाभुकों को राशि का भुगतान कर पाना मुश्किल नजर आ रहा है। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को अभी कुछ और समय तक इंतजार करना पड़ सकता है।


अब तक 1.81 करोड़ महिलाओं को मिल चुका लाभ

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक राज्य की कुल 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। इस योजना के तहत अब तक करीब 18 हजार 100 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है। इससे पहले फरवरी 2026 में ही करीब 25 लाख महिलाओं के खातों में 2500 करोड़ रुपये भेजे गए थे।


इसके अलावा, इससे पूर्व 1 करोड़ 50 लाख महिलाओं को 15 हजार 600 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी थी। सरकार का दावा है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


रोजगार शुरू करने के लिए दी जा रही सहायता

इस योजना के तहत महिलाओं को अपनी पसंद का छोटा व्यवसाय या रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता दी जाती है। इसके साथ ही सरकार यह भी सर्वे कर रही है कि लाभार्थी महिलाओं ने किस प्रकार का रोजगार शुरू किया है और उनकी स्थिति क्या है।


सरकार की योजना के अनुसार, जिन महिलाओं का व्यवसाय सफलतापूर्वक चल रहा होगा, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त 2 लाख रुपये तक की सहायता भी दी जाएगी। इससे महिलाओं को स्थायी आय के अवसर मिल सकेंगे।


‘सात निश्चय-3’ के तहत बड़ा लक्ष्य

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत लागू किया गया है। वर्ष 2025 से 2030 तक के लिए बनाए गए इस विजन के अंतर्गत ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत हर परिवार की एक महिला को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजना है।


गौरतलब है कि 26 सितंबर से 28 नवंबर 2025 के बीच पांच चरणों में 1 करोड़ 58 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया गया था। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की 1 करोड़ 44 लाख और शहरी क्षेत्रों की 12 लाख महिलाएं शामिल थीं।


योजना के व्यापक प्रभाव के बावजूद, वर्तमान में सत्यापन प्रक्रिया में देरी के कारण लाखों शहरी महिलाओं को सहायता राशि मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है। यदि जल्द ही सत्यापन और समूह गठन का कार्य पूरा नहीं हुआ, तो लाभुकों को और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सरकार और संबंधित विभागों के लिए यह चुनौती बनी हुई है कि वे प्रक्रिया को तेज कर समय पर लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।