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24-Sep-2025 08:54 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड में बिजली और वन विभाग के बीच तनातनी चरम पर पहुंच गई है। बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों पर आरोप है कि वे छटाई के नाम पर न सिर्फ वन विभाग की अनुमति के बिना पेड़ काट रहे हैं, बल्कि उन्हें चोरी-छिपे बेच भी रहे हैं। जब वन विभाग ने इसका विरोध किया तो बिजली विभाग के जेई ने कथित तौर पर वन कर्मियों को धमकाया और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। इस विवाद का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज साफ सुनाई दे रही है। ऐसे में अब वन विभाग ने अब दोषी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की चेतावनी दी है।
यह मामला तब सामने आया जब वन विभाग को सूचना मिली कि बिजली विभाग के कर्मचारी कोढ़ा में पेड़ों की अवैध कटाई कर रहे हैं। वन विभाग के रेंज अधिकारी एस के झा के मुताबिक, बिजली विभाग को न्यू कोढ़ा लाइन में छटाई की अनुमति दी गई थी, लेकिन शर्त थी कि वन विभाग की मौजूदगी में ही काम होगा। इसके बावजूद, बिजली विभाग ने बिना सूचना दिए 18 पेड़ों को पूरी तरह काट डाला। झा ने बताया कि जब उनके कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो बिजली विभाग के अधिकारियों ने न सिर्फ अनधिकृत कटाई की, बल्कि गलत भाषा का इस्तेमाल कर धमकाया भी। वन विभाग का आरोप है कि ये कर्मचारी तय क्षेत्र से बाहर दूसरे प्रखंडों में भी पेड़ काट रहे हैं और कटे पेड़ों को बेचने की साजिश रच रहे हैं।
बिजली विभाग के अधिकारी ने सफाई दी है कि उन्हें दुर्गा पूजा से पहले बिजली के तारों के पास वाले पेड़ों की छटाई का आदेश मिला था, ताकि कोई हादसा न हो। उन्होंने कहा कि अनुमति के तहत काम हो रहा था, लेकिन FIR की बात सामने आने पर वे कॉपी मिलने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। दूसरी ओर, वन विभाग का कहना है कि छटाई के नाम पर पूरा पेड़ काटना और बेचना गैरकानूनी है। रेंज अधिकारी ने साफ कहा कि इस तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
यह मामला कटिहार में पर्यावरण और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठा रहा है। वन विभाग का कहना है कि पेड़ों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और बिजली विभाग की इस हरकत ने नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं। अगर FIR दर्ज होती है तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है। स्थानीय लोग भी इस गुंडागर्दी से नाराज हैं और जांच की मांग कर रहे हैं।