ब्रेकिंग न्यूज़

25 से 29 मार्च तक पटना में सबसे बड़ी चेस रेटिंग प्रतियोगिता, रूस-जिंबाब्वे और नेपाल के दिग्गज खिलाड़ी हो रहे शामिल भतीजे ने पैर छुकर आशीर्वाद लिया तो नरम हो गये पशुपति पारस, कहा..खून का रिश्ता कभी समाप्त नहीं हो सकता बिहार में अपराधियों का तांडव जारी, पूर्व मंत्री के करीबी की गोली मारकर हत्या, रोते हुए BJP नेता ने की कार्रवाई की मांग बेगूसराय में 12 घंटे में तीसरी वारदात, नाबालिग छात्र आयुष की गोली मारकर हत्या दो सगे भाइयों से शादी रचाने वाली महिला प्रेग्नेंट, घर में आने वाला है नया मेहमान बिहटा में पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी कार्यशाला का सफल आयोजन, ग्रोथ हार्मोन थेरेपी पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी बेलगाम स्कॉर्पियो ने 2 युवतियों को रौंदा, मौत से गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम हंगामा बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में गोल संस्थान का शानदार प्रदर्शन, कई छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए, कोचिंग के छात्रों ने मनाया सफलता का उत्सव बिहार में नहीं थम रहा भूमि विवाद का मामला, सासाराम में जमीन के लिए हत्या बिहार दिवस 2026: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की भरतनाट्यम प्रस्तुति ने बांधा समां, शक्ति आराधना और देशभक्ति का अद्भुत संगम

Home / bihar / katihar-news / कटिहार के हसनगंज अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला, 20 साल पहले मरे...

कटिहार के हसनगंज अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला, 20 साल पहले मरे व्यक्ति के नाम कर दिया मोटेशन

20 साल पहले जिस व्यक्ति की मौत हो गयी थी उसके नाम पर जमीन का मोटेशन कर दिया गया। सीओ ने कहा कि मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

18-Jan-2025 09:01 PM

By First Bihar

katihar news: कटिहार जिले के हसनगंज प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। अधिकारी और कर्मचारी मिलकर नियम-कानून को ताक पर रख भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगाने से नहीं चूक रहे हैं। जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के प्रति "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाने का दावा करते हैं, लेकिन हसनगंज अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज के नाम पर रिश्वत का खेल खुलेआम जारी है। यहां बिना मोटी रकम के कोई फाइल आगे नहीं बढ़ती। हाल यह है कि मनचाहा चढ़ावा मिलने पर जिंदा और मृत दोनों का दाखिल-खारिज आसानी से किया जा रहा है।


20 साल पुराना मृतक भी करा रहा दाखिल-खारिज

ढेरवा पंचायत के वार्ड संख्या 1 के निवासी शेख गरीब (पिता: स्व. शेख बादर) की मृत्यु करीब 20 वर्ष पहले हो चुकी है। बावजूद इसके,14 फरवरी 2024 को 46.6 डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज के लिए उनके नाम से आवेदन किया गया। अंचल अधिकारी कृष्ण मोहन कुमार ने 2 जुलाई और 2 अगस्त को शेख गरीब को कागजात पेश करने का नोटिस भी भेज दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि 16 दिसंबर 2024 को कथित तौर पर मृतक ने खुद कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज प्रस्तुत किए और अधिकारी ने उनके नाम से दाखिल-खारिज कर दिया


स्थानीय जनप्रतिनिधि की प्रतिक्रिया

ढेरवा पंचायत के मुखिया रुस्तम अली ने  स्पष्ट किया कि शेख गरीब की मौत 20 साल पहले हो चुकी है। उन्होंने कहा, "मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि शेख गरीब अब जीवित नहीं हैं। जो लोग उन्हें जिंदा बताने की कोशिश कर रहे हैं, वे केवल झूठ फैला रहे हैं।"


भ्रष्टाचार की परतें: कब-कब हुआ फर्जीवाड़ा

दाखिल-खारिज वाद संख्या 1842/2023-2024 के तहत हल्का कर्मचारी कल्याणी वर्मा और आरो सदानंद मंडल ने भूमि के सत्यापन और नामांतरण की सिफारिश की थी। बावजूद इसके कि पूर्व में इसी भूमि का दाखिल-खारिज नामंजूर किया गया था, अंचल अधिकारी ने खुद ही इस मामले को देख लिया, जबकि इसे भूमि उप समाहर्ता के अधीन होना चाहिए था। इस प्रकार, 'जुगाड़ टेक्नोलॉजी' के सहारे भ्रष्टाचार की नई मिसाल कायम की गई।


अंचल अधिकारी का बयान

जब अंचल अधिकारी कृष्ण मोहन कुमार से इस मामले पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" ऐसे मामलों से स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बातों का जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं है। सवाल यह उठता है कि मृतकों के नाम दाखिल-खारिज करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?

कटिहार से सोनू चौधरी की रिपोर्ट..