Bihar Board Matric Result 2026: सुपौल के 2 छात्रों ने किया कमाल, एक के पिता पंक्चर बनाते हैं तो दूसरे के मम्मी-पापा दोनों टीचर बिग बॉस फेम रजत दलाल ने गुपचुप तरीके से की शादी, सोशल मीडिया पर वेडिंग फोटोज वायरल बिग बॉस फेम रजत दलाल ने गुपचुप तरीके से की शादी, सोशल मीडिया पर वेडिंग फोटोज वायरल सासाराम की खुशी ने मैट्रिक परीक्षा में हासिल किया 8वां स्थान, IAS अधिकारी बनने का है सपना; फेरी लगाकर कपड़ा बेचते हैं पिता LPG सिलेंडर डिलीवरी होने पर ऐसे करें चेक: फुल है या नहीं, जानें 2 आसान ट्रिक गरीबी को मात देकर राजमिस्त्री की बेटी नसरीन परवीन ने रचा इतिहास, मैट्रिक में 5वां रैंक लाकर भोजपुर का नाम किया रोशन बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में गोपालगंज के कृष्णा ने हासिल किया 9वां रैंक, 482 अंकों के साथ बने जिला टॉपर; पिता हैं सिक्योरिटी गार्ड बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में गोपालगंज के कृष्णा ने हासिल किया 9वां रैंक, 482 अंकों के साथ बने जिला टॉपर; पिता हैं सिक्योरिटी गार्ड 1 अप्रैल से लागू नया टैक्स कानून, सैलरी वालों के लिए बड़ा झटका या राहत? HRA से लेकर Education Allowance तक के बदले नियम बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: स्क्रूटिनी और विशेष परीक्षा के लिए छात्रों को मौका, इस दिन से करें आवेदन
25-Jun-2025 07:52 AM
By First Bihar
Patna News: बिहार के पुलिस विभाग पर भी बिजली बिल बकाया का दबाव बढ़ता जा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित पुलिस कार्यालयों पर कुल ₹28.06 करोड़ का बिजली बिल बकाया है। यह आंकड़ा मई 2025 तक का है। इस बकाया भुगतान को लेकर बिजली विभाग ने संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजा है और शीघ्र भुगतान का निर्देश दिया है।
बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बजटीय राशि उपलब्ध है, इसलिए भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित जिलों को बकाया की सूची के साथ यह भी बताया गया है कि किस जिले पर कितना बकाया है। कई जिलों में लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण यह राशि करोड़ों में पहुंच चुकी है।
बकाया बिजली बिल का जिला-वार विवरण (करोड़ रुपये में)
जिला - बकाया राशि (₹ करोड़)
पटना 4.17
सहरसा 3.84
गया 3.43
छपरा 2.48
औरंगाबाद 1.84
भागलपुर 48.05 (संभावित त्रुटि)
मुंगेर 50.67 (संभावित त्रुटि)
बांका 12.54
वहीं, भागलपुर, मुंगेर और बांका के आंकड़ों में असंगति देखी जा रही है क्योंकि उनकी राशि पुलिस विभाग की औसत खपत के मुकाबले असामान्य रूप से अधिक है। संभवतः ये आंकड़े समग्र जिला कार्यालयों (अन्य विभागों सहित) के हैं। बिजली विभाग द्वारा इनकी पुनः जांच की जा रही है। राज्य सरकार के पास राशि उपलब्ध होने के बावजूद विभागीय लापरवाही के कारण भुगतान में देरी हुई। बिजली विभाग ने चेताया है कि यदि भुगतान समय पर नहीं हुआ तो पुलिस कार्यालयों की आपूर्ति पर भी कार्रवाई की जा सकती है। कई जिलों में मीटर रीडिंग नियमित नहीं, जिससे बिल विवाद और बकाया बढ़ रहा है।
अगर बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो इससे थानों, कंट्रोल रूम और सुरक्षा निगरानी केंद्रों (CCTV सिस्टम) पर असर पड़ सकता है। विभागीय समन्वय की कमी के चलते बिल अदायगी की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी सामने आई है। बिजली विभाग ने पुलिस मुख्यालय को भी पत्र भेजकर राज्यस्तरीय समन्वय की मांग की है ताकि भविष्य में बकाया न बढ़े और भुगतान समय से हो सके।