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17-Sep-2025 07:41 PM
By FIRST BIHAR
Buxar News: सनातन संस्कृति और धार्मिक एकता को सशक्त करने के उद्देश्य से विश्वामित्र सेना द्वारा सोमवार को “सनातन जोड़ो यात्रा” के तीसरे चरण का भव्य आयोजन किया गया। यात्रा का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे प्रधान कार्यालय से हुआ और जिले के अनेक गांवों से होते हुए शाम 4:30 बजे उपाध्यायपुर–पांडेयपुर में आयोजित विशाल सभा के साथ इसका समापन हुआ।
यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज को उनकी धार्मिक जड़ों से जोड़ना और सनातन धर्म की विरासत को संजोते हुए जनमानस में एकता का संदेश फैलाना था। इस पावन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने विभिन्न गांवों के प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सनातन परंपरा के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट की।
यात्रा पड़री, दहिवर, रामोवरिया, मझरियां, दुधारचक, बड़कागांव, डेसरडीह, दुल्लेहपुर और सोनवर्षा सहित कई ग्रामों से होकर गुज़री। इस दौरान रामोवरिया के शिव मंदिर, मझरियां के वनदेवी मंदिर और सोनवर्षा के काली तथा बजरंगबली मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजित सभा में विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक श्री राजकुमार चौबे ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यदि बक्सरवासी अपने अधिकारों और विरासत के प्रति सजग हो जाएँ तो यह पावन धरती अयोध्या और काशी से भी अधिक विकसित बन सकती है।”
यात्रा के इस तीसरे चरण ने पूर्ववर्ती दो चरणों की सफलता को और आगे बढ़ाते हुए विशेष ऊर्जा और जोश का संचार किया। बक्सर की पावन भूमि ने पुनः सनातन संस्कृति एवं परंपरा के प्रति अपनी गहन आस्था तथा संगठन की संघर्षशील यात्रा में अटूट समर्थन का परिचय दिया। इस सफल आयोजन के लिए विश्वामित्र सेना ने सभी श्रद्धालुओं, प्रतिभागियों और ग्रामीण जनता का आभार प्रकट किया है, जिन्होंने तन-मन-धन से सहयोग कर इस यात्रा को ऐतिहासिक और सफल बनाया।
Buxar News: सनातन संस्कृति और धार्मिक एकता को सशक्त करने के उद्देश्य से विश्वामित्र सेना द्वारा सोमवार को “सनातन जोड़ो यात्रा” के तीसरे चरण का भव्य आयोजन किया गया। यात्रा का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे प्रधान कार्यालय से हुआ और जिले के अनेक गांवों से होते हुए शाम 4:30 बजे उपाध्यायपुर–पांडेयपुर में आयोजित विशाल सभा के साथ इसका समापन हुआ।
यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज को उनकी धार्मिक जड़ों से जोड़ना और सनातन धर्म की विरासत को संजोते हुए जनमानस में एकता का संदेश फैलाना था। इस पावन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने विभिन्न गांवों के प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सनातन परंपरा के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट की।
यात्रा पड़री, दहिवर, रामोवरिया, मझरियां, दुधारचक, बड़कागांव, डेसरडीह, दुल्लेहपुर और सोनवर्षा सहित कई ग्रामों से होकर गुज़री। इस दौरान रामोवरिया के शिव मंदिर, मझरियां के वनदेवी मंदिर और सोनवर्षा के काली तथा बजरंगबली मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजित सभा में विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक श्री राजकुमार चौबे ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यदि बक्सरवासी अपने अधिकारों और विरासत के प्रति सजग हो जाएँ तो यह पावन धरती अयोध्या और काशी से भी अधिक विकसित बन सकती है।”
यात्रा के इस तीसरे चरण ने पूर्ववर्ती दो चरणों की सफलता को और आगे बढ़ाते हुए विशेष ऊर्जा और जोश का संचार किया। बक्सर की पावन भूमि ने पुनः सनातन संस्कृति एवं परंपरा के प्रति अपनी गहन आस्था तथा संगठन की संघर्षशील यात्रा में अटूट समर्थन का परिचय दिया। इस सफल आयोजन के लिए विश्वामित्र सेना ने सभी श्रद्धालुओं, प्रतिभागियों और ग्रामीण जनता का आभार प्रकट किया है, जिन्होंने तन-मन-धन से सहयोग कर इस यात्रा को ऐतिहासिक और सफल बनाया।