बेलगाम ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को मारी टक्कर, रामनवमी ड्यूटी से घर लौट रही दो महिला सिपाही घायल मुजफ्फरपुर में बेलगाम ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, टायर मिस्त्री की मौत, साथी की हालत गंभीर बेगूसराय सदर अस्पताल में बड़ी लापरवाही, कटे अंग को कचरे में फेंकने पर 2 कर्मी निलंबित मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर की जमकर पिटाई, क्लासरूम में छात्रा को किया था प्रपोज सरकारी कैलेंडर में मंत्री के परिवार की फोटो, RJD ने चिराग के नेता पर पद का दुरुपयोग करने का लगाया आरोप BEGUSARAI: साढ़े 7 कट्ठा जमीन के लिए वरुण चौधरी की हत्या, CCTV फुटेज से मामले का हुआ खुलासा पिस्टल से फायरिंग करते वीडियो सामने आने पर दानिश रिजवान ने दी सफाई, कहा..20 लाख रंगदारी नहीं दिये तब AI जेनरेटेड फर्जी क्लिप कर दिया वायरल काम पर नहीं लौटने वाले अंचलाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, रिटायर CO को कॉन्ट्रैक्ट पर किया जाएगा बहाल तिरहुत बांध नहर निर्माण में दर्दनाक हादसा: रोड रोलर की चपेट में आया मासूम, मौके पर मौत कानून को ठेंगा! मांझी के सबसे करीबी ने पुलिस से पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, RJD ने वीडियो जारी कर सरकार को घेरा
23-Nov-2025 03:37 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के सरकारी स्कूलों में अब डिजिटल उपस्थिति प्रणाली (Online Attendance System) लागू की जा रही है, जिससे बच्चों और शिक्षकों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस दिशा में पहली पहल करते हुए प्रखंड स्तर पर 90 स्कूलों में टैबलेट वितरित कर दी है और शेष वितरण 24 व 25 नवंबर तक पूरा किया जाएगा। इस कदम से शिक्षकों में उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह प्रणाली पारंपरिक हाजिरी रजिस्टर की तुलना में अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी।
बीईओ सौरभ सुमन के अनुसार, प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक सभी विद्यालयों के लिए टैबलेट की आपूर्ति एजेंसी द्वारा की जा रही है। इन टैबलेट्स में ई-शिक्षाकोष सहित शिक्षा विभाग के सभी आवश्यक ऐप पहले से इंस्टॉल रहेंगे और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना नहीं होगी। इसके संचालन के लिए प्रत्येक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और तकनीक में रुचि रखने वाले शिक्षक को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे हाजिरी दर्ज करना, रिपोर्ट जनरेट करना और ऐप का संचालन आसानी से कर सकें।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों के डीईओ और डीपीओ-एसएसए को निर्देश दिए हैं कि टैबलेट की आपूर्ति और वितरण का रिकार्ड हर स्तर पर सुरक्षित रखा जाए। प्रत्येक टैबलेट का IMEI नंबर संबंधित विद्यालय के नाम के साथ दर्ज किया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी गड़बड़ी या बदलाव की संभावना समाप्त हो जाएगी। एजेंसी प्रखंडवार विद्यालयों की संख्या के अनुसार टैबलेट बीआरसी कार्यालय में उपलब्ध करवा रही है, और बीआरसी स्तर पर भी रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा रहा है कि किस स्कूल को कितने और कौन-कौन से टैबलेट आवंटित किए गए हैं।
ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था लागू होने से न केवल बच्चों की उपस्थिति का रीयल-टाइम मॉनीटरिंग संभव होगा, बल्कि ड्रॉपआउट पर नियंत्रण और शिक्षक उपस्थिति में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इस नई प्रणाली से स्कूलों में अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा और शिक्षा विभाग को शैक्षिक प्रदर्शन पर बेहतर नजर रखने का अवसर मिलेगा।
डिजिटल हाजिरी सिस्टम से शिक्षा के स्तर में सुधार के साथ ही स्कूल प्रशासन में तकनीकी दक्षता बढ़ेगी। साथ ही, इससे छात्रों की उपस्थिति, शिक्षक गतिविधियों और शैक्षिक परिणामों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। राज्य सरकार का दावा है कि यह कदम बिहार के स्कूलों को स्मार्ट और तकनीकी रूप से उन्नत बनाएगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
इस पहल के तहत भविष्य में अन्य स्मार्ट स्कूल प्रोजेक्ट्स और डिजिटल शिक्षण उपकरण भी लागू किए जा सकते हैं, जिससे पूरे राज्य में शिक्षा प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।