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01-Sep-2025 09:28 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक के एक करोड़ से अधिक छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल स्किल्स की शिक्षा देने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शिक्षा विभाग ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है और जल्द ही एडोब (Adobe) कंपनी के डिजिटल एजुकेशन प्रोग्राम के साथ करार होगा।
यह पहल नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है जो बच्चों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करेगी। 2025-26 से चुनिंदा स्कूलों में शुरू होकर 2026-27 तक पूरे राज्य के मिडल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में फैल जाएगी। इसका उद्देश्य बिहार के बच्चों को वैश्विक तकनीकी बदलावों के साथ कदम मिलाकर चलना सिखाना है ताकि वे भविष्य में नौकरियों और करियर में आगे रहें।
नीतीश सरकार की यह योजना सरकारी स्कूलों के छात्रों को AI, कंप्यूटर स्किल्स, डेटा एनालिसिस, क्रिएटिव थिंकिंग और प्रॉब्लम-सॉल्विंग सिखाएगी। एडोब के प्लेटफॉर्म के जरिए इंटरेक्टिव लर्निंग होगी, जिसमें विजुअल, ऑडियो और मल्टीमीडिया कंटेंट शामिल होगा। इससे मैथ्स, साइंस और अंग्रेजी जैसे विषय आसान हो जाएंगे। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि छात्र पैटर्न पहचानें, डेटा का विश्लेषण करें और भविष्य की संभावनाओं का अनुमान लगाना सीखें।
इस योजना से निम्नलिखित फायदे होंगे:
तकनीकी ज्ञान में वृद्धि: बच्चे AI टूल्स का इस्तेमाल सीखेंगे जो नौकरियों के लिए जरूरी है।
क्रिटिकल थिंकिंग: समस्या सुलझाने की क्षमता बढ़ेगी जो रीयल-लाइफ में उपयोगी होगी।
इंटरेक्टिव लर्निंग: पारंपरिक पढ़ाई के बजाय वीडियो, VFX और 3D कंटेंट से सीखना आसान होगा।
इक्वलिटी: ग्रामीण और शहरी स्कूलों में एक समान शिक्षा, जिससे बिहार के पिछड़े इलाकों के बच्चे भी स्मार्ट बनेंगे।
शिक्षा विभाग ने 2025-26 सत्र से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुनिंदा स्कूलों में AI कक्षाएं शुरू करने का प्लान बनाया है। 2026-27 तक यह पूरे राज्य में फैल जाएगी। एडोब के साथ एमओयू साइन होने के बाद ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू होंगे। यह योजना बिहार के 'उन्नयन मॉडल' का विस्तार है जो पहले से 6,000 स्कूलों में 28 लाख बच्चों को 3D मल्टीमीडिया से शिक्षा दे रहा है। NEP 2020 के तहत CBSE ने भी कक्षा 9-12 में AI को विषय बनाया है और बिहार अब इसका पालन कर रहा है।