ब्रेकिंग न्यूज़

बेलगाम ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को मारी टक्कर, रामनवमी ड्यूटी से घर लौट रही दो महिला सिपाही घायल मुजफ्फरपुर में बेलगाम ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, टायर मिस्त्री की मौत, साथी की हालत गंभीर बेगूसराय सदर अस्पताल में बड़ी लापरवाही, कटे अंग को कचरे में फेंकने पर 2 कर्मी निलंबित मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर की जमकर पिटाई, क्लासरूम में छात्रा को किया था प्रपोज सरकारी कैलेंडर में मंत्री के परिवार की फोटो, RJD ने चिराग के नेता पर पद का दुरुपयोग करने का लगाया आरोप BEGUSARAI: साढ़े 7 कट्ठा जमीन के लिए वरुण चौधरी की हत्या, CCTV फुटेज से मामले का हुआ खुलासा पिस्टल से फायरिंग करते वीडियो सामने आने पर दानिश रिजवान ने दी सफाई, कहा..20 लाख रंगदारी नहीं दिये तब AI जेनरेटेड फर्जी क्लिप कर दिया वायरल काम पर नहीं लौटने वाले अंचलाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, रिटायर CO को कॉन्ट्रैक्ट पर किया जाएगा बहाल तिरहुत बांध नहर निर्माण में दर्दनाक हादसा: रोड रोलर की चपेट में आया मासूम, मौके पर मौत कानून को ठेंगा! मांझी के सबसे करीबी ने पुलिस से पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, RJD ने वीडियो जारी कर सरकार को घेरा

Home / bihar / बिहार: 30 दिनों में होगी पीक पर होगी तीसरी लहर, अभी तक...

बिहार: 30 दिनों में होगी पीक पर होगी तीसरी लहर, अभी तक की स्टडी से मिले ये संकेत

04-Jan-2022 08:00 AM

PATNA : कोरोना वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन देश के सामने एक नई मुसीबत बनकर खड़ा हो गया है. इसकी गंभीरता और लक्षणों को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. बिहार में कोरोना पिछले कुछ दिनों में काफी तेजी से बढ़ रहे है. अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही तीसरी लहर पीक पर पहुंच सकती है.


बिहार में कोरोना की लहर तेज हो गई है. जिसको देखते हुए बताया जा रहा है कि 30 दिनों में यह पीक पर पहुंच सकती है. हालांकि बाद में इसमेंगिरावट आ सकती है. लेकिन इस लहर के नीचे आने में लगभग ढाई से तीन माह लग सकते हैं. 


पटना विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ वीरेंद्र प्रसाद के अनुसार इस लहर में सबसे ज्यादा बच्चों और लंबी बीमारी से ग्रसित मरीजों को बचाने की जरूरत है. साथ ही कोरोना की तीसरी लहर से सामना करने में हमारे वैक्सीन राहत देगी. प्रो वीरेंद्र ने बताया कि अब तक के स्टडी के अनुसार टीकाकरण से उपजी एंटीबॉडी एक समय सीमा के बाद घटने लगती है. लिहाजा उसे बढ़ाने के लिए बूस्टर डोज की जरूरत महसूस होना तय है. दरअसल, भारत समेत दुनिया में कोरोना रोकने के लिए लगाये गये टीके आपातकालीन हैं. पांच साल के स्टेंडर्ड प्रोटोकाल से बनने वाले टीकों का हमें कम-से-कम ढाई साल और इंतजार करना होगा.