वाह रे सिस्टम! 65 हजार लेकर दिव्यांग को बना दिया गार्ड, नगर निगम में खुलेआम चलता रहा खेल BIHAR NEWS : “मंत्री बने ‘भोलेनाथ’! सुरेंद्र मेहता की तस्वीर ने उठाए बड़े सवाल, विकास या दिखावा?” Bihar accident news : मेला देखकर लौट रहे थे 4 दोस्त… रास्ते में हुआ ऐसा हादसा कि 3 की मौत और 1 अब भी लापता BIHAR NEWS : CM कुर्सी पर फसाद! 'निशांत' ने बहुत लोगों को कर दिया 'अशांत', JDU के ऐलान से राजनीति में भूचाल, BJP के लिए संकट Bihar school : सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्रांति! AI से बदलेगी बच्चों की पढ़ाई, 8वीं से 12वीं तक बच्चों को मिलेगी यह सुविधाएं Bihar News : बिहार सिविल कोर्ट चपरासी भर्ती की परीक्षा रद्द, 4 साल बाद हुआ एग्जाम अब फिर अटका! जानें अब कब होगी नई परीक्षा Bihar Board 10th Result 2026 : बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट! क्या आज आएगा मैट्रिक का परिणाम? जानें पूरी डिटेल Bihar NH Projects : 26 हाईवे प्रोजेक्ट पर संकट! इस डेट तक मंजूरी नहीं तो सब रद्द, केंद्र की बड़ी चेतावनी Bihar News: अब 37 लाख की लग्जरी गाड़ी से चलेंगे मंत्री जी ! अफसरों की सवारी भी हुई अपग्रेड; पढ़िए क्या है पूरी खबर Bihar News : 20 दिन की चुप्पी के बाद CBI पर कोर्ट सख्त, अब दिल्ली से होगी मॉनिटरिंग! नीट छात्रा केस में बड़ा ट्विस्ट
23-Apr-2025 08:03 AM
By First Bihar
Bihar land mutation: अगर आप अपनी पुश्तैनी ज़मीन का दाखिल-खारिज (Mutation) कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बताया है कि दाखिल-खारिज के हजारों आवेदन हर साल केवल इसलिए खारिज हो जाते हैं क्योंकि वंशावली में संबंध स्पष्ट नहीं होता।
भूमि पर मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए दाखिल-खारिज की प्रक्रिया बेहद अहम होती है, जिसे अंचल कार्यालय के माध्यम से पूरा किया जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि बड़ी संख्या में आवेदन अस्वीकृत हो रहे हैं। इसे रोकने के लिए विभाग ने 'दाखिल-खारिज जन जागरूकता अभियान' शुरू किया है, जिसमें आम जनता को बताया जा रहा है कि उनके आवेदन खारिज क्यों होते हैं और उससे कैसे बचा जाए।
क्या है मुख्य कारण?
विभाग की जानकारी के अनुसार, सबसे आम कारण है ,वंशावली (genealogy) में पारिवारिक संबंध का स्पष्ट उल्लेख न होना। खासकर पुश्तैनी ज़मीन के मामलों में यह और अधिक जरूरी हो जाता है। वंशावली में मूल रैयत (जमीन मालिक) के नीचे उत्तराधिकारियों का सही और स्पष्ट विवरण देना अनिवार्य है।
किससे प्रमाणित कराएं वंशावली?
शहरी क्षेत्रों में: कार्यपालक पदाधिकारी या वार्ड पार्षद
ग्रामीण क्षेत्रों में: ग्राम पंचायत के सरपंच
अन्य विकल्प: यदि कोर्ट से वंशावली प्रमाणित है तो वह भी मान्य होगी।
वंशावली में परिवार की महिला सदस्यों का भी उल्लेख करना जरूरी है।
क्या न करें:
बिना संबंध स्पष्ट किए आवेदन न करें
केवल पारिवारिक जानकारी देना पर्याप्त नहीं, प्रामाणिक दस्तावेज़ लगाएं