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14-Mar-2026 01:45 PM
By First Bihar
Bihar Expressway : बिहार में तेजी से बढ़ते यातायात और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रस्ताव केंद्र सरकार के सामने रखा है। अब बिहार में प्रस्तावित और निर्माणाधीन सभी एक्सप्रेस-वे को चार लेन के बजाय छह लेन बनाने की मांग की गई है। यह प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा के पटना दौरे के दौरान आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में रखा गया।
राज्य सरकार का मानना है कि अगर इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल जाती है, तो बिहार की सड़क कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार होगा। इससे न केवल उत्तर भारत बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों के साथ भी राज्य का संपर्क काफी मजबूत हो जाएगा। साथ ही, आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को भी आसानी से संभाला जा सकेगा।
छह लेन एक्सप्रेस-वे बनाने की पहल
समीक्षा बैठक के दौरान पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने राज्य सरकार की ओर से यह प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिहार में कई एक्सप्रेस-वे परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, लेकिन अगर इन्हें अभी से छह लेन के मानक पर विकसित किया जाता है तो भविष्य में सड़क चौड़ीकरण पर अतिरिक्त खर्च और समय दोनों की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि अभी तक राज्य में केवल पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे को मंजूरी मिली है। लेकिन सरकार चाहती है कि आने वाले समय में बनने वाले सभी एक्सप्रेस-वे आधुनिक और बड़े मानकों के अनुरूप हों, ताकि बिहार की सड़क व्यवस्था राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के करीब पहुंच सके।
पटना रिंग रोड परियोजना पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में पटना रिंग रोड परियोजना की प्रगति को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। पथ निर्माण विभाग के सचिव ने केंद्रीय मंत्री को रिंग रोड के उत्तरी हिस्से, विशेषकर दिघवारा से सराय तक के प्रस्तावित अलाइनमेंट की जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पटना रिंग रोड के उत्तरी भाग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द से जल्द तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाए, ताकि इस परियोजना को शीघ्र मंजूरी मिल सके और निर्माण कार्य में देरी न हो।
वैशाली और मुजफ्फरपुर में जाम से राहत की योजना
बिहार के कई प्रमुख शहरों में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक जाम को देखते हुए बैठक में कुछ महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। वैशाली जिले के रामाशीष चौक पर लगने वाले भारी जाम को कम करने के लिए वहां मल्टीलेवल जंक्शन बनाने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया गया।
इसके अलावा मुजफ्फरपुर के नवनिर्मित बाईपास के मधौल और कांटी क्षेत्र में भी सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नए जंक्शन विकसित करने का निर्देश दिया गया है। इन जंक्शनों के बनने से दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है और भारी वाहनों की आवाजाही भी अधिक सुगम हो सकेगी।
जेपी गंगा पथ और अटल पथ का बनेगा स्मार्ट कनेक्शन
राजधानी पटना में यातायात को बेहतर बनाने के लिए जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ट्रांसपोर्ट प्लानर्स की सलाह के आधार पर गंगा पथ के एप्रोच रोड को इस तरह विकसित किया जाए कि इसका सीधा और सुगम जुड़ाव अटल पथ, पाटलि पथ और दीघा-शेरपुर गंगा पथ से हो सके।
इसके साथ ही प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट के पास एसएच-74 से पटना-बेतिया मार्ग तक सर्विस रोड बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को काफी मजबूती मिलेगी और आसपास के इलाकों में यातायात की सुविधा भी बेहतर होगी।
अगर केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो आने वाले वर्षों में बिहार का सड़क नेटवर्क आधुनिक, चौड़ा और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो जाएगा, जिससे राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।