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24-Nov-2025 12:24 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में ठंड बढ़ने के बावजूद डेंगू मरीजों की संख्या में किसी प्रकार की कमी नहीं आ रही है। मुजफ्फरपुर जिले में अब तक डेंगू के 103 मरीज मिल चुके हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 77 था। राहत की बात यह है कि चिकनगुनिया और मलेरिया के एक भी मरीज सामने नहीं आए हैं। हालांकि, रविवार को जिले में डेंगू का कोई नया केस दर्ज नहीं हुआ।
नए मरीज लगातार मिल रहे हैं
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में निगरानी और सतर्कता तेज कर दी है, लेकिन नए मरीज लगातार मिल रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को सफाई रखने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दे रही है। डेंगू के मरीज मिलने वाले इलाकों में टीम लगातार सर्वे कर रही है। बुखार या डेंगू के लक्षण दिखने पर मरीजों को एसकेएमसीएच भेजा जा रहा है। साथ ही सैंपलिंग की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। शहरी क्षेत्रों में नगर निगम और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें हाई-रिस्क क्षेत्रों में फॉगिंग कर रही हैं। पीएचसी से लेकर सदर अस्पताल तक डेंगू को लेकर अलर्ट जारी किया गया है और सभी वार्ड व्यवस्थित किए गए हैं।
ठंड बढ़ने के साथ ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी
ठंड के बढ़ने के साथ सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर बच्चों पर इसका प्रभाव अधिक दिख रहा है। सर्दी–खांसी, निमोनिया और डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई है। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना लगभग दो सौ अतिरिक्त मरीज पहुंच रहे हैं। एमसीएच की शिशु ओपीडी में प्रतिदिन 10 से 12 बच्चे निमोनिया और डायरिया के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। जांच के बाद गंभीर मरीजों को वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। फिलहाल अस्पताल में 13 बच्चे भर्ती हैं, जिनमें चार बच्चे निमोनिया से जूझ रहे हैं, जबकि बाकी बच्चों में डायरिया और ठंड से जुड़ी बीमारियां पाई गई हैं।
निमोनिया–डायरिया के मामले बढ़े
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. चिन्मयी शर्मा ने बताया कि ठंड में छोटे बच्चों पर संक्रमण का असर अधिक होता है। इस मौसम में निमोनिया और डायरिया के मामले तेजी से बढ़ते हैं। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और सिर व कान ढंककर रखें। यदि बच्चे को ठंड लगे या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि एसएनसीयू वार्ड में भी निमोनिया के अधिक बच्चे भर्ती हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सभी मरीजों का समुचित इलाज किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी और भविष्य की रणनीति
स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे घर और आसपास साफ-सफाई रखें और पानी के जमाव को रोकें ताकि मच्छरों का प्रजनन न हो। इसके अलावा, विभाग लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चला रहा है ताकि डेंगू और अन्य संक्रामक रोगों को नियंत्रित किया जा सके।