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24-Mar-2026 08:07 AM
By First Bihar
Bihar builder news : बिहार में रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। अब राज्य के बिल्डर (प्रमोटर) अपनी कंपनी का निबंधन नगर विकास एवं आवास विभाग में सालभर कभी भी करा सकेंगे। पहले यह प्रक्रिया समयबद्ध या सीमित अवसरों पर निर्भर रहती थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह से सरल और लचीला बना दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि निबंधन के समय बिल्डरों से किसी प्रकार के दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी, जिससे प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी।
यह निर्णय सोमवार को नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा लिया गया और इसे तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है। विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने रेरा बिहार की एक कार्यशाला में इस नई व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और तेजी लाना है, ताकि अधिक से अधिक परियोजनाएं पंजीकृत हो सकें और निवेश को बढ़ावा मिले।
प्रधान सचिव ने यह भी कहा कि नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन के तहत राज्य के सभी शहरी निकायों से जुड़ी सूचनाएं और सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे बिल्डरों और आम लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन और पारदर्शी होंगी।
इसके साथ ही बिहार बिल्डिंग बायलॉज में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में नियोजित और तेज विकास सुनिश्चित किया जा सके। प्रस्तावित बदलावों के तहत 16 मीटर तक ऊंचाई वाले व्यावसायिक भवनों के नक्शे का अनुमोदन अब सूचीबद्ध आर्किटेक्ट्स द्वारा किया जा सकेगा। इससे स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी आएगी और छोटे-मध्यम प्रोजेक्ट्स को राहत मिलेगी।
यह प्रस्ताव फिलहाल कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा गया है और मंजूरी मिलने के एक महीने के भीतर इसे लागू कर दिया जाएगा। सरकार का फोकस आने वाले समय में नियोजित शहरीकरण को गति देने पर है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने 11 सैटेलाइट शहरों को विकसित करने की घोषणा भी की है, जो भविष्य में शहरी दबाव को कम करने में मदद करेंगे।
वहीं, रेरा बिहार ने भी आवेदन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘फिल्टर सिस्टम’ लागू किया है। रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार ने बताया कि इस सिस्टम के जरिए बिल्डरों को आवेदन भरते समय ही कमियों की जानकारी मिल जाएगी, जिससे आवेदन खारिज होने की संभावना कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों की कमी के कारण पिछले कुछ महीनों में करीब 100 आवेदन रद्द करने पड़े हैं।
रेरा अध्यक्ष ने बिल्डरों से अपील की कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों और सूचनाओं के साथ ही आवेदन करें, ताकि उनका पंजीकरण जल्द से जल्द हो सके। इसके अलावा, बिल्डरों के लिए काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, लेकिन कई बिल्डर इसमें भाग नहीं लेते, जिससे उन्हें नुकसान होता है।
कार्यशाला में रेरा जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह, सचिव अनिमेष पाण्डेय, क्रेडाई बिहार के अध्यक्ष भावेश कुमार और मनीष कुमार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर रियल एस्टेट सेक्टर को और अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।