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14-Jan-2026 10:31 AM
By FIRST BIHAR
Bihar Jamabandi: मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में बियाडा की 16.86 एकड़ सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी के मामले में जिलाधिकारी (डीएम) सुब्रत कुमार सेन ने सख्त कार्रवाई की है। मोतीपुर की तत्कालीन अंचलाधिकारी रुचि कुमारी के निलंबन की अनुशंसा की गई है, जबकि दो राजस्व कर्मचारियों नागेंद्र ठाकुर और अवधेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
जांच में सामने आया कि बिना वैध दस्तावेजों के जमीन निजी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज की गई थी। डीएम ने सरकारी कार्य में अनियमितता, लापरवाही और भ्रष्ट आचरण पर कड़ी चेतावनी दी है। मोतीपुर के बरियारपुर मौजा में कुल 61.33 एकड़ भूमि मोतीपुर शुगर फैक्ट्री के नाम थी, जिसे नियमानुसार बियाडा को हस्तांतरित किया गया।
इसमें से 7.98 एकड़ भूमि का दाखिल-खारिज बियाडा के पक्ष में पूर्ण हुआ था। शेष 53.35 एकड़ भूमि के दाखिल-खारिज हेतु आवेदन किया गया, लेकिन इसी प्रक्रिया के दौरान 16.86 एकड़ भूमि की अवैध जमाबंदी हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार 9.56 एकड़ भूमि एक व्यक्ति और 7.30 एकड़ भूमि दूसरे व्यक्ति के नाम ऑनलाइन परिमार्जन प्लस के माध्यम से दर्ज की गई, जबकि इनके पक्ष में कोई वैध दस्तावेज या स्वीकृत प्रक्रिया मौजूद नहीं थी।
डीएम ने इस कृत्य को अवैध और विभागीय नियमों के विपरीत गंभीर अनियमितता बताया। इसके तहत तत्कालीन अंचलाधिकारी रुचि कुमारी के निलंबन की अनुशंसा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से की गई। वहीं, नागेंद्र ठाकुर को निलंबित कर मुख्यालय अंचल कार्यालय औराई में स्थानांतरित किया गया।
साथ ही गायघाट अंचल के राजस्व कर्मचारी अवधेश कुमार सिंह को भी कर्तव्यहीनता, लापरवाही और वरीय पदाधिकारी के आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित कर दिया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन अनिवार्य है, और दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।