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05-Jan-2026 03:00 PM
By First Bihar
Land Mafia Bihar : भागलपुर में आयोजित भूमि जन संवाद कार्यक्रम के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि विभागीय आदेशों का जमीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। यह मामला फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन पर दखलंदाजी से जुड़ा था, जिसमें फरियादी स्वयं पेशे से वकील थे और उनके पास मामले से जुड़े सभी ठोस सबूत मौजूद थे।
फरियादी ने बताया कि उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने फर्जी कागजात के सहारे कब्जा कर लिया है। विभागीय निर्देश के अनुसार ऐसे मामलों में सीधे FIR दर्ज करने का प्रावधान है, लेकिन संबंधित अंचल अधिकारी (CO) ने अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की थी। जब यह शिकायत भूमि जन संवाद कार्यक्रम में सामने आई, तो सबसे पहले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव गोपाल मीणा ने कड़ा रुख अपनाया।
सचिव गोपाल मीणा ने मंच से ही CO की जमकर क्लास लगाई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब विभाग ने साफ आदेश दे रखा है कि फर्जी दस्तावेज और दखलंदाजी के मामलों में तत्काल FIR होनी चाहिए, तो फिर आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जवाबदेही तय करने की बात कही।
इसके बाद खुद मंत्री विजय कुमार सिन्हा इस मामले में भड़क गए। उन्होंने CO से तीखे सवाल पूछते हुए कहा, “जब विभाग का स्पष्ट आदेश है कि ऐसे मामलों में सीधे FIR होनी चाहिए, तो आप ऐसा क्यों नहीं कर रही हैं? आपका हाथ क्यों कांप रहा है? कहीं न कहीं आपकी संवेदना भू-माफियाओं के साथ तो नहीं है?”
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दो टूक शब्दों में कहा कि भू-माफियाओं के खिलाफ सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इसी तरह का रवैया जारी रहा, तो विभाग का कोई भी अधिकारी संबंधित CO के प्रति सहानुभूति नहीं रख पाएगा। “इसका मतलब आप समझती ही हैं,” कहते हुए मंत्री ने कड़ा संदेश दे दिया।
मंत्री ने यह भी कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का उद्देश्य आम जनता को त्वरित और न्यायसंगत समाधान देना है। यदि अधिकारी ही आदेशों की अनदेखी करेंगे, तो जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा। उन्होंने मौके पर ही निर्देश दिया कि मामले की समीक्षा कर तत्काल आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भूमि जन संवाद कार्यक्रम में मौजूद अन्य फरियादियों और आम लोगों ने भी इस कड़े रुख का स्वागत किया। उनका कहना था कि जब तक ऐसे मामलों में सख्ती नहीं दिखाई जाएगी, तब तक जमीन से जुड़े विवाद और भू-माफियाओं का मनोबल टूटेगा नहीं।
यह मामला एक बार फिर इस बात का प्रमाण बन गया है कि सरकार और मंत्री स्तर पर चाहे जितने सख्त निर्देश दिए जाएं, लेकिन यदि निचले स्तर पर उनका पालन नहीं होगा, तो सुधार अधूरा ही रहेगा। अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या विभागीय आदेशों को वास्तव में जमीन पर लागू किया जाता है या नहीं।