ब्रेकिंग न्यूज़

Patna Metro : 26 मार्च को पटना मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन संभव, चार स्टेशनों के बीच शुरू होगा सफर बिहार के इस जिले में करीब दर्जनभर सड़कों की बदलेगी सूरत, सरकार खर्च करेगी इतने करोड़ बिहार के इस जिले में करीब दर्जनभर सड़कों की बदलेगी सूरत, सरकार खर्च करेगी इतने करोड़ RTO online services : घर बैठे बनाएं लर्निंग लाइसेंस! RTO जाने की झंझट खत्म, मिनटों में पूरा होगा प्रोसेस बिहार में भगवान भी सुरक्षित नहीं: हनुमान मंदिर से लाखों के गहने चोरी, चांदी का गदा और अन्य कीमती सामान चुरा ले गए चोर बिहार की शिक्षा व्यवस्था में जल्द होने जा रहा बड़ा बदलाव, 80 हजार सरकारी स्कूलों में इस महीने से लागू होगी शैक्षणिक सुधार योजना बिहार की शिक्षा व्यवस्था में जल्द होने जा रहा बड़ा बदलाव, 80 हजार सरकारी स्कूलों में इस महीने से लागू होगी शैक्षणिक सुधार योजना देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था Bihar news : बड़ी लापरवाही! शौचालय का वेंटिलेटर तोड़कर दो लड़कियां फरार, प्रशासन में हड़कंप

Home / bihar / begusarai-news / 33 साल पुराने केस में फैसला: सूरजभान को 1 साल, भाजपा नेता राम...

33 साल पुराने केस में फैसला: सूरजभान को 1 साल, भाजपा नेता राम लखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर को 4-4 साल की सजा

बेगूसराय की MP-MLA कोर्ट ने 33 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया। पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को 1 साल, भाजपा नेता राम लखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर को 4-4 साल की सजा

23-Sep-2025 10:14 PM

By First Bihar

BEGUSARAI: पुलिस की टीम पर हमला किये जाने के मामले में बेगूसराय कोर्ट ने फैसला सुनाया है। 33 साल पुराने मामले में फैसला सुनाते हुए बाहुबली पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को एक साल और भाजपा नेता राम लखन सिंह समेत दो आरोपियों को 4-4 साल कारावास की सजा सुनाई है। 


MP-MLA कोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार ने सुनवाई करते हुए पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को एक साल, भाजपा के वरिष्ठ नेता राम लखन सिंह को 4 साल और वीरेंद्र ईश्वर उर्फ शोषण सिंह को 4 साल की सजा सुनाई। पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को एक साल सजा होने की वजह से जमानत मिल गई जबकि बीजेपी नेता राम लखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर को जेल भेज दिया गया। 


बताया जाता है कि घटना 9 अक्टूबर 1992 की है, जब मोम फैक्ट्री में कुछ बदमाशों के हथियार के साथ छिपे होने की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची थी। तब बदमाशों ने पुलिस के ऊपर फायरिंग कर दी थी। मौके से पुलिस ने राम लखन सिंह और वीरेंद्र ईश्वर को अरेस्ट किया था जबकि सूरजभान सिंह मौके से फरार हो गया था। तब एफसीआई थाने में तैनात दारोगा उमाशंकर सिंह ने केस दर्ज कराया था। एक दर्जन लोगों की गवाही के बाद तीनों को एमपी एमएलए कोर्ट ने दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।