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26-Apr-2025 06:21 PM
By First Bihar
ARARIA: बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. तस्लीमुद्दीन के दोनों बेटे आमने सामने आ गए हैं। लोकसभा चुनाव के समय भी दोनों भाईयों के बीच छिड़ी जंग अभी भी जारी है। दरअसल जोकीहाट के विधायक एवं पूर्व मंत्री शाहनवाज आलम ने 22 अप्रैल को अपने समर्थकों के साथ मीटिंग कर 29 अप्रैल को उदाहाट हाई स्कूल मैदान में वक्फ संशोधन के बाद बने कानून को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है।
लेकिन इसी बीच उनके बड़े भाई एवं पूर्व सांसद सरफराज आलम ने वक्फ मुद्दे को लेकर ही ठीक एक दिन पहले उसी स्थान पर उदाहाट हाई स्कूल मैदान में धरना प्रदर्शन रख लिया। इतना ही नहीं 29 अप्रैल के कार्यक्रम को लेकर विधायक शाहनवाज आलम के द्वारा कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक अनुमति भी ले ली गई थी।लेकिन ठीक एक दिन पहले उसी मैदान में कार्यक्रम को लेकर पूर्व सांसद सरफराज आलम ने भी कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्वीकृति ले ली। बस इसी को लेकर दोनों भाईयों के बीच तनातनी बढ़ गई है।
जोकीहाट सिसौना में विधायक शाहनवाज आलम ने प्रेस कांफ्रेंस किया और अपने बड़े भाई के खिलाफ मुखर हुए। उन्होंने प्रोग्राम तय होने के बाद इस स्थान पर कार्यक्रम किए जाने को लेकर सवाल की खड़ा किया। शाहनवाज आलम ने बिना नाम लिए कहा कि वह फिरकापरस्त ताकतों से मिले हुए हैं और पिछले लोकसभा चुनाव में अमित शाह और नरेंद्र मोदी को जीताने का काम किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के उम्मीदवार प्रदीप सिंह के तलवे चाटने में वे लगे रहे और महागठबंधन के उम्मीदवार उन्हें हराने का काम किया।
शाहनवाज आलम ने सरफराज आलम पर आवाम को बरगलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि धरना प्रदर्शन से पहले वह अपनी करतूत ठीक करें। उन्होंने अपने बड़े भाई के नियत पर भी सवाल खड़ा किया। शाहनवाज आलम ने कहा कि 22 अप्रैल को हुए मीटिंग में वक्फ मामले को लेकर बनाए गए कानून के खिलाफ 29 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय हुआ था। इसके बाद ठीक एक दिन पहले उसी स्थान पर धरना प्रदर्शन समझ से परे है।उन्होंने वक्फ कानून को दलित, अकलियत और गरीबों के खिलाफ का कानून बताया।
ARARIA: बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. तस्लीमुद्दीन के दोनों बेटे आमने सामने आ गए हैं। लोकसभा चुनाव के समय भी दोनों भाईयों के बीच छिड़ी जंग अभी भी जारी है। दरअसल जोकीहाट के विधायक एवं पूर्व मंत्री शाहनवाज आलम ने 22 अप्रैल को अपने समर्थकों के साथ मीटिंग कर 29 अप्रैल को उदाहाट हाई स्कूल मैदान में वक्फ संशोधन के बाद बने कानून को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है।
लेकिन इसी बीच उनके बड़े भाई एवं पूर्व सांसद सरफराज आलम ने वक्फ मुद्दे को लेकर ही ठीक एक दिन पहले उसी स्थान पर उदाहाट हाई स्कूल मैदान में धरना प्रदर्शन रख लिया। इतना ही नहीं 29 अप्रैल के कार्यक्रम को लेकर विधायक शाहनवाज आलम के द्वारा कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक अनुमति भी ले ली गई थी।लेकिन ठीक एक दिन पहले उसी मैदान में कार्यक्रम को लेकर पूर्व सांसद सरफराज आलम ने भी कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्वीकृति ले ली। बस इसी को लेकर दोनों भाईयों के बीच तनातनी बढ़ गई है।
जोकीहाट सिसौना में विधायक शाहनवाज आलम ने प्रेस कांफ्रेंस किया और अपने बड़े भाई के खिलाफ मुखर हुए। उन्होंने प्रोग्राम तय होने के बाद इस स्थान पर कार्यक्रम किए जाने को लेकर सवाल की खड़ा किया। शाहनवाज आलम ने बिना नाम लिए कहा कि वह फिरकापरस्त ताकतों से मिले हुए हैं और पिछले लोकसभा चुनाव में अमित शाह और नरेंद्र मोदी को जीताने का काम किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के उम्मीदवार प्रदीप सिंह के तलवे चाटने में वे लगे रहे और महागठबंधन के उम्मीदवार उन्हें हराने का काम किया।
शाहनवाज आलम ने सरफराज आलम पर आवाम को बरगलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि धरना प्रदर्शन से पहले वह अपनी करतूत ठीक करें। उन्होंने अपने बड़े भाई के नियत पर भी सवाल खड़ा किया। शाहनवाज आलम ने कहा कि 22 अप्रैल को हुए मीटिंग में वक्फ मामले को लेकर बनाए गए कानून के खिलाफ 29 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय हुआ था। इसके बाद ठीक एक दिन पहले उसी स्थान पर धरना प्रदर्शन समझ से परे है।उन्होंने वक्फ कानून को दलित, अकलियत और गरीबों के खिलाफ का कानून बताया।