ब्रेकिंग
बिहार के कोचिंग संस्थानों पर हाई कोर्ट में PIL दायर, मानकों के उल्लंघन की जांच की मांगशिक्षा विभाग में DPO प्रतिनियुक्ति का बड़ा खेल ! सारण ही नहीं मोतिहारी डीपीओ भी 4 सालों से हैं 'डेपूटेशन' पर, तबादला के बाद फिर से पूर्वी चंपारण में करा ली थी वापसी, खुलासे के बाद उठे गंभीर सवाल ‘अगर कोई हम पर रिवॉल्वर तानता है तो उसे कैसे छोड़ा जा सकता है’, भरत तिवारी एनकाउंटर पर फिर बोले जीतन राम मांझीभरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग तेज, 17 जुलाई को जंतर-मंतर पर धरना, जांच पर उठे सवालAadhaar यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव: mAadhaar ऐप बंद, UIDAI ने लॉन्च किया नया Aadhaar App; जानें.. नए फीचर्सबिहार के कोचिंग संस्थानों पर हाई कोर्ट में PIL दायर, मानकों के उल्लंघन की जांच की मांगशिक्षा विभाग में DPO प्रतिनियुक्ति का बड़ा खेल ! सारण ही नहीं मोतिहारी डीपीओ भी 4 सालों से हैं 'डेपूटेशन' पर, तबादला के बाद फिर से पूर्वी चंपारण में करा ली थी वापसी, खुलासे के बाद उठे गंभीर सवाल ‘अगर कोई हम पर रिवॉल्वर तानता है तो उसे कैसे छोड़ा जा सकता है’, भरत तिवारी एनकाउंटर पर फिर बोले जीतन राम मांझीभरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग तेज, 17 जुलाई को जंतर-मंतर पर धरना, जांच पर उठे सवालAadhaar यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव: mAadhaar ऐप बंद, UIDAI ने लॉन्च किया नया Aadhaar App; जानें.. नए फीचर्स

कश्मीरी युवक ने डॉ के सिवन को लिखी चिट्ठी, कहा- आपका दर्द समझता हूं सर, कुछ दिन पहले मैंने भी चांद खोया है

NEW DELHI: इसरो के चीफ डॉ के सीवन को एक कश्मीरी युवक ने चिट्ठी लिखकर अपना दर्द साझा किया है. चिट्ठी लिखने वाले युवक ने कहा है कि सीवन सर एक कश्मीरी होने के नाते हकीकत में मैं आपका दर्

FirstBihar
Admin
2 मिनट
NEW DELHI: इसरो के चीफ डॉ के सीवन को एक कश्मीरी युवक ने चिट्ठी लिखकर अपना दर्द साझा किया है. चिट्ठी लिखने वाले युवक ने कहा है कि सीवन सर एक कश्मीरी होने के नाते हकीकत में मैं आपका दर्द समझ सकता हूं. जैसे आपने चांद मामा से संपर्क खो दिया है ठीक वैसे ही 1 महीने पहले हमने भी अपने चांद को खो दिया है. दरअसल फैजान बुखारी नाम के एक कश्मीरी युवक ने इसरो प्रमुख को एक चिट्ठी लिखी है और चंद्रयान 2 की असफलता के बाद डॉ के सिवन के दुखी होने पर उनके दर्द को खुद का दर्द बताया है. अपनी चिट्ठी में बुखारी ने चंद्रयान मिशन की जबरदस्त उपलब्धि पर इसरो चीफ को बधाई दी है और लिखा है कि इस मिशन को सफल बनाने के लिए आपने और इसरो के वैज्ञानिकों ने काफी मेहनत की लेकिन दुर्भाग्य से लैंडर विक्रम का संपर्क टूट गया. बुखारी ने लिखा, “डॉ. सिवन, मुझे मालूम है कि आप अपने देश को बुलंदी पर पहुंचाना चाहते थे. ऐसा कौन नहीं चाहेगा? मैं यह भी जानता हूं कि जब आप किसी के इतने करीब हों और जब उससे संपर्क टूट जाए तो यह कितना तकलीफदेह और दर्दभरा होता है. मैंने भी एक महीने पहले अपने चांद (यानी मेरी मां) से अपना संपर्क खो दिया है. वह जम्मू-कश्मीर के बडगाम में रहती हैं. कई हफ्ते से मैं उनसे बात नहीं कर सका हूं. आगे फैजान ने लिखा है कि आप सौभाग्यशाली हैं कि आपके दुख के वक्त पीएम मोदी आपके साथ थे. उन्होंने दर्द के समय आपको गले से लगा लिया. आप मेरी तरफ देखिए मैं कितना बदनसीब हूं कि एक महीने बाद भी अपने परिवार से संपर्क नहीं कर सका हूं लेकिन कोई गले लगाने वाला नहीं है.
रिपोर्टिंग
4

रिपोर्टर

4

FirstBihar संवाददाता