PATNA: भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार 16 और 17 अगस्त को दो दिवसीय बिहार दौरे पर रहेंगे। उनके नेतृत्व में निर्वाचन आयोग का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बिहार पहुंचेगा। इस दल में वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग, महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल, महानिदेशक (आईटी) डॉ. सीमा खन्ना सहित आयोग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करेंगे।
नालंदा विश्वविद्यालय में 500 BLOs के साथ संवाद
17 अगस्त को पूर्वाह्न में मुख्य निर्वाचन आयुक्त नालंदा विश्वविद्यालय के सुषमा स्वराज सभागार में लगभग 500 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए BLOs के जमीनी अनुभवों और चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। निर्वाचन आयोग के अनुसार, ज्ञानेश कुमार पिछले एक वर्ष के दौरान विभिन्न राज्यों में BLOs के साथ लगातार संवाद कर रहे हैं। नालंदा का यह कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
पटना में ELC 2.0 और ECINET सम्मेलन
दौरे का प्रमुख आकर्षण पटना के ज्ञान भवन में आयोजित निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) 2.0 और ECINET पर एक दिवसीय सम्मेलन होगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे। सम्मेलन में बिहार के 400 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों से हजारों विद्यार्थी, शिक्षक, विश्वविद्यालयों के कुलपति, महाविद्यालयों और विद्यालयों के प्राचार्य तथा संस्थान प्रमुख भाग लेंगे। कार्यक्रम में बिहार के मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
बिहार से होगी ELC 2.0 की शुरुआत
भारत निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2018 में SVEEP कार्यक्रम के तहत Electoral Literacy Clubs (ELCs) की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों, निर्वाचन प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से परिचित कराना था।
अब बदलते डिजिटल परिवेश और युवाओं की बढ़ती भागीदारी को ध्यान में रखते हुए ELC 2.0 की शुरुआत बिहार से की जा रही है। इसका लक्ष्य विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में ELCs को वर्षभर सक्रिय, अनुभवात्मक और डिजिटल रूप से सक्षम मंच के रूप में विकसित करना है।
सम्मेलन के दौरान ELC 2.0 के लोगो का अनावरण किया जाएगा तथा इसके नए वर्किंग फ्रेमवर्क को प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही ELC 2.0 की विजन, मिशन, प्रमुख विशेषताओं, भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया और ECINET प्लेटफॉर्म पर विस्तृत प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।
व्यावहारिक प्रदर्शन और डिजिटल ऑनबोर्डिंग
सम्मेलन को अधिक सहभागी और अनुभवात्मक बनाने के लिए मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रिया के व्यावहारिक प्रदर्शन, BLO स्टेकहोल्डर वीडियो, ECINET के डिजिटल इकोसिस्टम का परिचय तथा नए ELC पोर्टल के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों का ऑनबोर्डिंग किया जाएगा। निर्वाचन आयोग की विभिन्न पहलों, नवाचारों और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित होगी।
युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने की पहल
आयोग के अनुसार भारत में लगभग 15 लाख विद्यालय, 25 करोड़ विद्यार्थी, 1 करोड़ शिक्षक, 1,500 विश्वविद्यालय और 70,000 उच्च शिक्षण संस्थान हैं। ELC 2.0 का उद्देश्य इस व्यापक शैक्षणिक नेटवर्क के माध्यम से युवाओं में निर्वाचन प्रक्रिया की तथ्यात्मक और अनुभवात्मक समझ विकसित करना है, ताकि वे अपने परिवार, संस्थान और समुदाय में निर्वाचन जागरूकता के दूत की भूमिका निभा सकें। इसके लिए एक समर्पित ELC Registration and Onboarding Portal विकसित किया गया है, जो निर्वाचन आयोग की वेबसाइट और ECINET ऐप के माध्यम से उपलब्ध होगा।
सीतामढ़ी, मधुबनी और वैशाली का भी करेंगे दौरा
बिहार प्रवास के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त सीतामढ़ी, मधुबनी और वैशाली का भी दौरा करेंगे। इस दौरान वे जिला निर्वाचन तंत्र के साथ बैठक करेंगे और बिहार की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रमुख स्थलों का भी अवलोकन करेंगे। निर्वाचन आयोग का मानना है कि ELC 2.0 और ECINET से जुड़ी यह पहल निर्वाचन साक्षरता, डिजिटल सहभागिता और लोकतंत्र में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।





