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बकरीद में कार से महंगा बिक रहा बकरा, बकरे वाले की बल्ले-बल्ले

DESK : सोमवार को देशभर में बकरीद मनाया जाएगा. ईद-उल-अजहा की तैयारियां जोरो पर हैं. बकरीद को लेकर बाजार में बकरों की कीमतें आसमान छू रही हैं. ऑनलाइन मार्केट में भी बकरों का बाजार सजा ह

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DESK : सोमवार को देशभर में बकरीद मनाया जाएगा. ईद-उल-अजहा की तैयारियां जोरो पर हैं. बकरीद को लेकर बाजार में बकरों की कीमतें आसमान छू रही हैं. ऑनलाइन मार्केट में भी बकरों का बाजार सजा है. इसमें खास बात यह है कि कहीं-कहीं बकरों की कीमत कार या अन्य बड़ी चीजों से भी महंगी है. मारुति सुजुकी वैगन आर, मारुति सुजुकी स्विफ्ट, मारुति सुजुकी अल्टो 800, टाटा नेक्सन, रेनो ट्राइबर, रेनो क्विड और हुंडई ग्रैंड आई10 जैसी बड़ी गाड़ियों से भी ज्यादा महंगा बकरा बिक रहा है. लखनऊ के एक व्यापारी अब्दुल करीम का बकरीद से पहले जैकपॉट लग गया है. अब्दुल ने मात्र 3 विदेशी नस्ल के बकरे 22 लाख रुपये में बेचा है. अब्दुल से भोपाल के एक व्यवसायी ने एक जोड़ी बकरे 15 लाख रुपये में खरीदा जबकि एक अन्य ग्राहक ने उससे 7 लाख रुपये में तीसरा बकरा खरीदा है. सोजत नस्ल के ये बकरे अच्छे मांस के लिए जाने जाते हैं. अब्दुल के मुताबिक उन्होंने करीब 18 महीने पहले 70 हजार रुपये में ये बकरे खरीदा था. बकरों को खाने में रोजाना गेहूं, जौ, चना मटर और जई देता था. अब्दुल जब इन बकरों को घर लेकर आए थे तब ये सिर्फ चार महीने के थे और इनमें से हर एक का वजन करीब 17-18 किलोग्राम था. अब्दुल की देख-रेख के बाद ये 210-220 किलोग्राम के हो गए. बकरों की देखभाल करने के लिए अब्दुल ने तीन लोगों को काम पर रखा था, जो 24 घंटे इनकी निगरानी करते थे. अब्दुल का एक बकरा एक वक्त में 5 किलो चारा खाता है. इनकी पाचन शक्ति को मजबूत बनाने के लिए इन्हें लिवर टॉनिक भी दिया जाता था. अब्दुल इससे पहले अलवर, बाबरी, बारबारी, तोतापरी और अजमेरी जैसी विदेशी नस्लें भी पाल चुके हैं. उन्होंने बताया कि एक बारबरी का वजन लगभग 80-90 किलो होता है और वह 1.6 लाख रुपये तक में बिकता है. जबकि अन्य की कीमत 1.7 से 2 लाख रुपये के बीच होती है. लेकिन सोजत नस्ल के बकरे का मांस बेहतरीन माना जाता है इसलिए ये ग्राहकों की पहली पसंद होते हैं.
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