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बदल गया बिहार के होम सेक्रेटरी का पता, मुख्य सचिवालय में ढूंढने पर भी नहीं मिलेंगे

PATNA: बिहार के गृह सचिव का पता बदल गया है. अब आपको गृह विभाग के सचिव या प्रधान सचिव मुख्य सचिवालय में ढूढ़े नहीं मिलेंगे. सरकार ने गृह सचिव को मुख्य सचिवालय से बाहर कर दिया है. <str

FirstBihar
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PATNA: बिहार के गृह सचिव का पता बदल गया है. अब आपको गृह विभाग के सचिव या प्रधान सचिव मुख्य सचिवालय में ढूढ़े नहीं मिलेंगे. सरकार ने गृह सचिव को मुख्य सचिवालय से बाहर कर दिया है. गृह सचिव का नया ठिकाना बिहार के मुख्य सचिवालय में दो ही अधिकारियों के चैंबर में पावर दिखता था. मुख्य सचिव या फिर गृह सचिव. दोनों के चैंबर भी आमने सामने रखा गया था. शायद इसलिए कि पावर आमने-सामने के कक्ष में ही दौड़ता रहे. लेकिन सरकार ने अब गृह सचिव को मुख्य सचिवालय से बाहर कर दिया है. गृह विभाग के सचिव या प्रधान सचिव अब नये बने सरदार पटेल भवन में शिफ्ट कर दिया है. सरदार पटेल भवन राज्य का पुलिस मुख्यालय है. गृह सचिव पुलिस मुख्यालय में भी बैठेंगे. उनका चैंबर वहां सज धज कर तैयार हो गया है. विकास आयुक्त को मिला नया चैंबर राज्य की ब्यूरोक्रेसी में विकास आयुक्त का दर्जा नंबर टू का होता है. यानि मुख्य सचिव के बाद दूसरे नंबर का अधिकारी. मुख्य सचिवालय में विकास आयुक्त का चैंबर अब तक ग्राउंड फ्लोर पर था. यानि पहले तल्ले पर बैठने वाले मुख्य सचिव के नीचे. सरकार ने अब गृह सचिव के पुराने चैंबर को विकास आयुक्त को दे दिया है. अब मुख्य सचिव और विकास आयुक्त आमने-सामने के कमरे में बैठेंगे. बिहार के मुख्य सचिवालय की स्थापना के बाद पहली दफे दो आलाधिकारियों के कक्ष को बदला गया है. दरअसल मुख्य सचिवालय में मुख्यमंत्री का भी दफ्तर है. आलाधिकारियों के दफ्तर मुख्यमंत्री कार्यालय के आस पास रखे गये थे. ताकि सीएम जब चाहे अधिकारी हाजिर हो जायें. लेकिन नीतीश कुमार ने सारी व्यवस्था बदल ही. उन्होंने पहले तो अलग से मुख्यमंत्री सचिवालय बनवाया फिर अपने आवास में इतने सारे दफ्तर बनवाये कि लोग याद ही नहीं रख पाते कि उनकी तादाद कितनी है. कैबिनेट की बैठक को छोड़ दें तो मुख्यमंत्री शायद ही कभी मुख्य सचिवालय आते हों. लिहाजा अधिकारियों के चैंबर कहीं भी हों, सीएम के कामकाज से उसका कोई वास्ता नहीं.  
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