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सुप्रीम कोर्ट से विनेश फोगाट को बड़ी राहत, एशियन गेम्स ट्रायल्स में हिस्सा लेने की मिली मंजूरी

Vinesh Phogat: सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट को बड़ी राहत देते हुए एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है। अदालत ने WFI की याचिका खारिज करते हुए कहा कि फोगाट ने देश का नाम रोशन किया है।

Vinesh Phogat
विनेश फोगाट को बड़ी राहत
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Vinesh Phogat: भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) की याचिका खारिज करते हुए विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि विनेश फोगाट ने देश का नाम रोशन किया है।


सुनवाई के दौरान सुप्रीम Court ने कहा, “अगर कोई और होता तो बात दूसरी होती। उसने देश को गर्व कराया है।” हालांकि अदालत ने इस मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यप्रणाली पर चिंता भी जताई। शीर्ष अदालत ने कहा कि खेल प्रशासन में अदालतों की जरूरत से ज्यादा दखलअंदाजी खेल व्यवस्था पर नकारात्मक असर डाल सकती है।


इससे पहले 22 मई को दिल्ली हाई कोर्ट ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी थी। हाई कोर्ट ने WFI की चयन नीति को भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा था कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी करने वाली दिग्गज खिलाड़ियों के लिए उसमें कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।


दिल्ली हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने आदेश दिया था कि विनेश फोगाट 30 और 31 मई 2026 को होने वाले चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेंगी। अदालत ने यह भी निर्देश दिया था कि ट्रायल्स की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) तथा भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के स्वतंत्र पर्यवेक्षक मौजूद रहें।


हाई कोर्ट ने WFI के उस रवैये पर भी नाराजगी जताई थी, जिसमें फोगाट के पेरिस ओलंपिक 2024 से बाहर होने को “राष्ट्रीय शर्मिंदगी” बताया गया था। अदालत ने इसे “बेहद अफसोसजनक” और “गलत सोच” करार दिया था।


दरअसल, WFI ने विनेश फोगाट को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से अयोग्य घोषित किया था। फेडरेशन का तर्क था कि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों को डोपिंग रोधी नियमों के तहत छह महीने का अनिवार्य नोटिस पीरियड पूरा करना होता है।


हालांकि विनेश फोगाट ने WFI के इस फैसले को चुनौती दी और गोंडा में आयोजित नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंच गई थीं। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनके एशियन गेम्स ट्रायल्स में भाग लेने का रास्ता साफ हो गया है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता