ब्रेकिंग
Bihar News : RJD स्थापना दिवस पर पोस्टर पॉलिटिक्स! जिन नामों की थी चर्चा वही गायब, शहाबुद्दीन-ओसामा के पोस्टर ने खींचा ध्यानBihar News : सरकारी स्कूलों के सामान खरीद में खेल? फर्जी बिल, बदली तारीखें और पत्नियों के नाम पर फर्म का आरोपBihar News : PM मोदी की सुरक्षा संभालेंगे बिहार के IPS अमित कुमार, SPG में मिली बड़ी जिम्मेदारी; जानिए कौन हैं ये अफसरBihar News : बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 270 CO का तबादला, देखें आपके जिले के नए अंचल अधिकारी कौनBihar News : स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए जरूरी खबर! बिहार में बदल गया स्कूलों का समयBihar News : RJD स्थापना दिवस पर पोस्टर पॉलिटिक्स! जिन नामों की थी चर्चा वही गायब, शहाबुद्दीन-ओसामा के पोस्टर ने खींचा ध्यानBihar News : सरकारी स्कूलों के सामान खरीद में खेल? फर्जी बिल, बदली तारीखें और पत्नियों के नाम पर फर्म का आरोपBihar News : PM मोदी की सुरक्षा संभालेंगे बिहार के IPS अमित कुमार, SPG में मिली बड़ी जिम्मेदारी; जानिए कौन हैं ये अफसरBihar News : बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 270 CO का तबादला, देखें आपके जिले के नए अंचल अधिकारी कौनBihar News : स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए जरूरी खबर! बिहार में बदल गया स्कूलों का समय

भगवान शिव को अर्धनारीश्वर स्वरूप प्रदान करने वाली मां सिद्धिदात्री की पूजा आज, शोक-रोग-भय से मिलेगी मुक्ति

DESK : नवरात्रि का आज नौवां और आखरी दिन है. महाष्टमी की तरह ही महानवमी का भी विशेष महत्त्व है इस दिन मां सिद्धिदात्री की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है. मां सिद्धिदात्री अपने

FirstBihar
Anamika
3 मिनट

DESK : नवरात्रि का आज नौवां और आखरी दिन है. महाष्टमी की तरह ही महानवमी का भी विशेष महत्त्व है इस दिन मां सिद्धिदात्री की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है. मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को समस्त प्रकार की सिद्धियां प्रदान करती हैं. ऐसा कहा जाता है की मां सिद्धिदात्री शोक, रोग एवं भय से अपने भक्तों को मुक्ति दिलाती है. सिद्धियों की प्राप्ति के लिए मनुष्य ही नहीं बल्कि देव, गंदर्भ, असुर, ऋषि आदि सभी इनकी पूजा करते हैं. देवों के देव महादेव भी इनके आराधक हैं.

मां सिद्धिदात्री का स्वरूप

मां सिद्धिदात्री कमल के पुष्प पर विराजमान रहती हैं, पर उनका वाहन सिंह है. देवी की चार भुजाएं हैं. वह एक दाएं हाथ में गदा और दूसरे दाएं हाथ में च्रक धारण करती हैं. वहीं मां के बाएं हाथ में कमल का पुष्प और दूसरे बाएं हाथ में शंख धारण करती हैं. मां सिद्धिदात्री शांत मुद्रा में कमल पर विराजमान रहती है.  

पूजा विधि

महानवमी के सुबह स्नानादि से निवृत होने के बाद  मां सिद्धिदात्री की विधि विधान से पूजा करें. देवी को अक्षत्, सिंदूर, धूप, गंध आदि चढ़ाएं. पूजा में माता को तिल का भोग लगाएं, मान्यता है की ऐसा करने से आपके साथ कोई अनहोनी नहीं होगी. माता सिद्धिदात्री आपकी हमेशा रक्षा करेंगी. . माता की पूजा में उन्हें लाल फूल चढ़ाना न भूलें.

कन्या पूजन 

आज के दिन कन्या पूजन की परंपरा रही है. मां के नौ रूपों को मन कर छोटी-छोटी कन्याओं की सेवा की जाती है, आदर सत्कार के साथ भोजन करा कर दक्षिना दे कर विदा किया जाता है. पर इस बार महामारी के कारण सभी को सोशल डिस्टेंस बना के रखने को कहा गया है. इसलिए बेहतर होगा की कन्या पूजन न किया जाये.

मां सिद्धिदात्री का मंत्र

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

 मां सिद्धिदात्री की कथा

जैसा की नाम से ही पता चलता है, माता सिद्धिदात्री सभी सिद्धियों को देने वाली हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्माण्ड के प्रारंभ में भगवान रूद्र ने देवी आदि शक्ति की आराधना की थी. ऐसी मान्यता है कि देवी शक्ति का कोई स्वरूप नहीं था. सर्वशक्तिमान देवी आदि पराशक्तिकी आराधना करने के कारण भगवन शिव को अर्धनारीश्वर स्वरुप मिला और सिद्धिदात्री स्वरूप में भगवान शिव के शरीर के बाएं भाग पर प्रकट हुईं.