1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 02, 2025, 6:30:50 AM
Chanakya Niti - फ़ोटो Chanakya Niti
Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को एक महान अर्थशास्त्री और कुशल सलाहकार के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव को 'चाणक्य नीति' में संकलित किया, जिसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़े महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं। इन नीतियों में यह भी उल्लेख है कि कुछ कार्यों के बाद स्नान करना आवश्यक होता है, अन्यथा व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
श्लोक:
तैलाभ्यङ्गे चिताधूमे मैथुने क्षौरकर्मणि।
तावद् भवति चाण्डालो यावत् स्नानं न चाचरेत्।
वो कार्य जिनके बाद स्नान करना अनिवार्य है:
श्मशान घाट से आने के बाद: अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद शरीर अपवित्र हो जाता है, इसलिए स्नान आवश्यक है।
तेल मालिश करवाने के बाद: शरीर से अतिरिक्त तेल और पसीना साफ करने के लिए स्नान करें।
बाल कटवाने के बाद: शरीर पर चिपके छोटे बालों को हटाने के लिए स्नान करें।
शारीरिक संबंध बनाने के बाद: स्वच्छता बनाए रखने और संक्रमण से बचने के लिए स्नान करना जरूरी है।
इस प्रकार, चाणक्य नीति के अनुसार स्वच्छता का विशेष महत्व बताया गया है, जिससे व्यक्ति के जीवन में शारीरिक और मानसिक सकारात्मकता बनी रहती है।