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Republic Day 2026 : क्या है गणतंत्र दिवस 2026 की थीम? इस बार की परेड क्यों है खास; याद कर लें हर एग्जाम में पूछे जाते हैं यह सवाल

Republic Day 2026 : गणतंत्र दिवस 2026 में ‘वंदे मातरम्’ थीम पर भव्य परेड होगी। कर्तव्य पथ पर 30 झांकियाँ, सेना का मार्च पास्ट, और 150वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम देशभक्ति का उत्सव बढ़ाएंगे।

Republic Day 2026 : क्या है गणतंत्र दिवस 2026 की थीम? इस बार की परेड क्यों है खास; याद कर लें हर एग्जाम में पूछे जाते हैं यह सवाल
Tejpratap
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Republic Day 2026 : देश 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मनाने के लिए तैयार है। राजधानी दिल्ली से लेकर देश के कोने-कोने तक सरकारी दफ्तरों, ऐतिहासिक इमारतों और सार्वजनिक स्थलों को तिरंगे की रोशनी और सजावट से सजा दिया गया है। बाजारों में भी देशभक्ति का रंग साफ दिखाई दे रहा है, जहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक तिरंगे, टोपी, बैज और अन्य देशभक्ति सामग्री की खरीदारी में जुटे हैं। हर साल 26 जनवरी को मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस भारत के उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है, जब 1950 में देश में संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना।


इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम्’ रखी गई है। खास बात यह है कि यह आयोजन ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित होगा। समारोह के दौरान देशभक्ति, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भर भारत की झलक एक साथ देखने को मिलेगी। कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली भव्य परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें 17 राज्यों और 13 केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों की झांकियां होंगी। ये झांकियां व्यापक विषय “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” और “समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत” पर आधारित होंगी।


परेड स्थल कर्तव्य पथ को विशेष रूप से सजाया गया है। एनक्लोजर के बैकग्राउंड में ‘वंदे मातरम्’ की पंक्तियों पर आधारित पुरानी और ऐतिहासिक पेंटिंग्स प्रदर्शित की जाएंगी। मुख्य मंच पर फूलों से ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके साथ ही सेना की तैयारियों को बैटल ऐरे स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे भारत की सैन्य शक्ति और अनुशासन का प्रदर्शन होगा।


इस बार परेड का विशेष आकर्षण सेना का मार्च पास्ट होगा। इसमें नवगठित भैरव बटालियन और लद्दाख स्काउट्स पहली बार शामिल होंगी, जो दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनके अलावा सेना के 18 अन्य मार्चिंग दस्ते भी परेड में भाग लेंगे। पहली बार सेना का पशु दस्ता भी परेड का हिस्सा बनेगा, जो भारतीय सेना की परंपरा और विविधता को दर्शाएगा।


‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1923 में श्री तेजेंद्र कुमार मित्रा द्वारा बनाई गई चित्रों की एक ऐतिहासिक श्रृंखला को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इन चित्रों में ‘वंदे मातरम्’ के छंदों को कलात्मक रूप से दर्शाया गया है, जिन्हें ‘वंदे मातरम् एल्बम’ (1923) में प्रकाशित किया गया था। आरडीपी-2026 के दौरान इन चित्रों को कर्तव्य पथ के साथ व्यू-कटर के रूप में लगाया जाएगा।


परेड के समापन अवसर पर आकाश में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़े जाएंगे और ‘वंदे मातरम्’ को दर्शाने वाले एक विशेष बैनर का अनावरण किया जाएगा। इसके अलावा इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी, इंडियन एयर फोर्स, इंडियन कोस्ट गार्ड और सीएपीएफ द्वारा 19 से 26 जनवरी 2026 तक पूरे देश में ‘वंदे मातरम्’ थीम पर बैंड परफॉरमेंस आयोजित की जाएंगी। इन परफॉरमेंस के स्थलों में ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का पैतृक घर और जन्मस्थान भी शामिल है, जो पश्चिम बंगाल के नैहाटी स्थित ‘बंकिम भवन गवेश्न केंद्र’ के नाम से जाना जाता है।


आरडीपी-2026 के लिए मंच के सामने फूलों की विशेष सजावट की जाएगी। निमंत्रण पत्र और टिकट भी ‘वंदे मातरम्’ थीम पर डिजाइन किए गए हैं। कर्तव्य पथ पर बड़ी स्क्रीन के माध्यम से ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े वीडियो भी दिखाए जाएंगे। कुल मिलाकर, 77वां गणतंत्र दिवस समारोह देशभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती से प्रस्तुत करेगा।

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