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चुनाव से पहले विश्वविद्यालय कर्मियों को बड़ा तोहफा, 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया अंशदान

PATNA: बिहार सरकार ने विश्वविद्यालय कर्मियों को बड़ा तोहफा दिया है। चुनाव से पहले डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बड़ा एलान किया है। उन्होंने बताया कि पूर्व से लागू नई अंशदायी पेंशन योजना

चुनाव से पहले विश्वविद्यालय कर्मियों को बड़ा तोहफा, 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया अंशदान
Abhishek Mishra
2 मिनट

PATNA: बिहार सरकार ने विश्वविद्यालय कर्मियों को बड़ा तोहफा दिया है। चुनाव से पहले डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बड़ा एलान किया है। उन्होंने बताया कि पूर्व से लागू नई अंशदायी पेंशन योजना में केन्द्र के अनुरूप राज्य के विश्वविद्यालय कर्मियों के लिए भी राज्यकर्मियों की तरह 10 की जगह 14 प्रतिशत का अंशदान राज्य सरकार करेगी। इसका लाभ 01 सितम्बर, 2005 तथा उसके बाद राज्य के विश्वविद्यालयों में नियुक्त 3 हजार शिक्षकों व एक हजार शिक्षकेत्तर कर्मियों को मिलेगा। राज्य सरकार ने 01 जुलाई, 2019 के प्रभाव से अपने अंशदान को 10 से बढ़ा कर 14 प्रतिशत कर दिया है।

 श्री मोदी ने बताया कि पहले जहां विश्वविद्यालय कर्मियों के मासिक वेतन से मूल वेतन एवं मंहगाई भत्ते के योग की 10 प्रतिशत राशि अंशदान के रूप में कटौती की जाती थी, वहीं उतनी ही राशि नियोक्ता के रूप में विश्वविद्यालय द्वारा अंशदान दिया जाता था, जिसे अब बढ़ा कर 14 प्रतिशत करने की अनुमति वित्त विभाग ने दे दिया है। नई पेंशन योजना के तहत राज्यकर्मियों की तरह विश्वविद्यालय कर्मियों को भी पेंशन निधि या निवेश पैटर्न का विकल्प चुनने की सुविधा रहेगी।

 वे वर्ष में एक बार अपने विकल्प को बदल सकेंगे। जो कर्मी न्यूनतम जोखिम राशि के साथ निर्धारित प्रतिफल के विकल्प का चयन करेंगे उन्हें सरकारी प्रतिभूतियों में 100 प्रतिशत निवेश और जो उच्चतर प्रतिफल के लिए विकल्प का चयन करेंगे उन्हें जीवनचक्र पर आधारित विकल्प दिया जायेगा। मगर फिलहाल पेंशन निधि अथवा निवेश पैटर्न में परिवर्तन की अनुमति केवल बढ़ी हुई निधि के संबंध में ही दी जाएगी।