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ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा #नीतीश_का_विश्वासघात, तेजस्वी ने पूछा- किसके डर से कट्टर सांप्रदायिक तक बनने को हो गए हैं तैयार

PATNA: बिहार के सीएम नीतीश कुमार ट्विटर पर आज ट्रेंड कर रहे हैं. #नीतीश_का_विश्वासघात को टैग कर हजारों ट्वीट किया गया है. इसमें तेजस्वी यादव और उपेंद्र कुशवाहा ने भी निशाना सा

FirstBihar
Manish Kumar
6 मिनट

PATNA: बिहार के सीएम नीतीश कुमार ट्विटर पर आज ट्रेंड कर रहे हैं. #नीतीश_का_विश्वासघात को टैग कर हजारों ट्वीट किया गया है. इसमें तेजस्वी यादव और उपेंद्र कुशवाहा ने भी निशाना साधा हैं. तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया कि ‘’ क्या नीतीश कुमार नहीं जानते हैं कि #CRB देश को बांटेगा,लेकिन कुर्सी के चक्कर में संविधान, जनादेश और समाज से विश्वासघात कर रहे हैं. किससे डरे हुए है कि कट्टर सांप्रदायिक तक बनने को तैयार हो गए है? खुद चंद दिनों पहले तक इसका विरोध कर रहे थे.”



तेजस्वी ने पूछा - क्यों डरे हैं नीतीश

तेजस्वी यादव ने फेसबुक पर लिखा है कि ‘’नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) एक ऐसा कानून है जो इस समाज को धर्म के आधार पर बांट देगा. हमारा संविधान कहता है कि धर्म के आधार पर हम ये निश्चित कभी नहीं करेंगे कि किस व्यक्ति का या किस समुदाय को कितने अधिकार मिलेंगे या कितनी सुविधाएं सरकार सुनिश्चित करेगी.ये कानून संविधान और भारतीय परम्पराओं की धज्जियां उड़ाता है और धर्म के आधार पर भारत की नागरिकता को कानूनन रूप देती है. शरणार्थी वही लोग होते हैं जो जरूरतमंद होते हैं, सताये लोग होते हैं, जिनको उनके अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है, ऐसे लोग कोई भी हो सकते हैं, चाहे हिंदू हो, मुसलमान हो, सिख हो या ईसाई हो. भारत की परंपरा रही है कि हम अपना हाथ बढ़ाते है और उनकी मदद करते है, लेकिन ये कानून अब ऐसा कुछ भी नही रहने देगा. इस कानून का एक मात्र उद्देश्य ये है कि एक धर्म के शरणार्थीयों को भारत की नागरिकता नहीं देना, बाकी सबको देंगे. ऐसा कानून कही देखा है? ऐसा कानून पाकिस्तान में हो सकता है, अफगानिस्तान में हो सकता है या फिर हिटलर के नाज़ी जर्मनी में हो सकता है, भारत में कभी नहीं हो सकता है। हम गंगा-जमनी तहज़ीब को बिगड़ने नहीं देंगे.हमें ये तय करना होगा कि हम पाकिस्तान बने या भारत, ऐसा नहीं हो सकता है कि हमारा कानून नाज़ी जर्मनी और पाकिस्तान जैसा हो, लेकिन हम हिंदुस्तान बने रहे? धर्म के नाम पर लोगों को सुविधा मुहैया करवाना, उनके अधिकार सुनिश्चित करना, ये ना तो गांधी का सपना था, न अम्बेडकर का, न नेहरू का और न ही लोहिया और कर्पूरी ठाकुर का. ये सपना बस ज़िन्ना का था या फिर सावरकर, गोलवलकर और गोडसे का, जिनको ये भारत रत्न बांटने वाले हैं. ये एजेंडा बस उनका हो सकता है जो बांटो और राज करो कि नीति पर चलते है. इस कानून का बस एक मतलब है कि एक समुदाय को द्विदर्जिया नागरिक बना दिया जाए और इससे भयावह अभी इस सरकार की NRC की नीति है. CAB और NRC दोंनो मिलकर एक ऐसी व्यवस्था को जन्म देगा जो बड़ी संख्या में एक समुदाय के लोगों को ग़ुलाम बना देगी. सरकार पहले NRC के नाम पर लोगों को चिन्हित करेगी और फिर कहेगी की आप मुसलमान है, इसलिए आपको अब नागरिकता भी नहीं मिल सकती. और इस काले क़ानून का साथ नीतीश कुमार का JDU दे रहा है जो अपने आप को secular कहता है. फिर से नीतीश कुमार जी ने अपने नीति, सिद्धांत और विचार को बेच दिया. इनका भी सपना लगता है अब हिंदू राष्ट्र बनाने का हो गया है, जिसमें कोई सम्मान से नहीं रह सकता.क्या नीतीश कुमार नहीं जानते कि यह कानून ग़लत है और समाज को बांटेगा लेकिन साहब कुर्सी के चक्कर में संविधान, समाज, जनादेश और समाज के लोगों से विश्वासघात कर रहे हैं.आखिर नीतीश कुमार की मज़बूरी क्या है? किससे डरे हुए है कि कट्टर साम्प्रदायिक तक बनने को तैयार हो गए है? वो खुद भी भी चंद दिनों पहले तक ऐसे कानून का विरोध कर रहे थे. इन सबका मक़सद समाज मे संदेह पैदा करवाना है और सद्भाव, भाईचारा और प्रेम से रह रहे लोगों के बीच, हमारे बीच नफ़रत की दीवार खड़ी करना है. हमारा लक्ष्य है कि हम इस भाईचारे को बचाये और बनाये रखे, और ऐसे नफरत पैदा करने वालों को समाज और राजनीति से निकाल फेंके. संविधान के द्वारा समानता का अधिकार को हम ऐसे ही सुरक्षित रख सकते है, CAB के ख़िलाफ़ लोगों के बीच जाये, NRC के खिलाफ आवाज़ बुलंद करें.''

कुशवाहा ने भी नीतीश पर साधा निशाना

रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने भी नीतीश कुमार पर निशाना साधा हैं. कुशवाहा ने ट्वीट किया कि’’ बिहार के लोगों के हित में...#शिक्षा_सुधार: ना केंद्रीय विद्यालय: ना स्वास्थ्य व्यवस्था: ना रोजगार सृजन: ना महिलाओं की सुरक्षा: ना अपराध नियंत्रण: ना गरीबों को न्याय: ना दुश्मन देश से आने वाले लोगों की चिंता: हां भाई हां.’’ बता दें कि जेडीयू ने नागरिकता बिल का समर्थन किया है. इसको लेकर सांसद आरसीपी सिंह ने सदन में बिल के समर्थन में जेडीयू का पक्ष रखा. कहा कि इस बिल को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है. इस बिल में संविधान का उल्लंघन नहीं हुआ है, ना ही आर्टिकल 14 का उल्लंघन हुआ है. हमारा देश रिपब्लिक है, यहां के नागरिकों को समान अधिकार है.


 

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