ब्रेकिंग
विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने से भागलपुर-पूर्णिया रूट पर यातायात ठप, नाव के सहारे सफरपटना में बदला CM आवास का नाम, 1 अणे मार्ग अब ‘लोक सेवक आवास’7 मई को मंत्रिमंडल का विस्तार, एक दिन पहले सम्राट चौधरी ने बुलाई कैबिनेट की बैठक, बड़े फैसलों की तैयारीविधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी नया इतिहास बनायेंगी ममता बनर्जी: बंगाल में खड़ा हो गया बड़ा संवैधानिक संकटकैबिनेट विस्तार से पहले अचानक JDU दफ्तर पहुंचे नीतीश कुमार, बोले संजय गांधी..उनके आने की जानकारी हम लोगों को भी नहीं थीविक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने से भागलपुर-पूर्णिया रूट पर यातायात ठप, नाव के सहारे सफरपटना में बदला CM आवास का नाम, 1 अणे मार्ग अब ‘लोक सेवक आवास’7 मई को मंत्रिमंडल का विस्तार, एक दिन पहले सम्राट चौधरी ने बुलाई कैबिनेट की बैठक, बड़े फैसलों की तैयारीविधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भी नया इतिहास बनायेंगी ममता बनर्जी: बंगाल में खड़ा हो गया बड़ा संवैधानिक संकटकैबिनेट विस्तार से पहले अचानक JDU दफ्तर पहुंचे नीतीश कुमार, बोले संजय गांधी..उनके आने की जानकारी हम लोगों को भी नहीं थी

Bihar Politics: बिहार में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन में आधार कार्ड मान्य क्यों नहीं? तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से पूछे तीखे सवाल

Bihar Politics: तेजस्वी यादव ने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर चुनाव आयोग से कई सवाल पूछे और आरोप लगाया कि आयोग भ्रमित और राजनीतिक दबाव में है।

Bihar Politics
© reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Politics: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासत तेज हो गई है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए। तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से पूछा है कि वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन में आधार कार्ड मान्य क्यों नहीं?


तेजस्वी यादव ने कहा, हमने 5 जुलाई को चुनाव आयोग से मुलाकात की थी और अपनी चिंताएं साझा की थीं। लेकिन अब तक हमें आयोग की ओर से कोई स्पष्टता नहीं मिली है। बिहार में चुनाव आयोग एक डाकघर की तरह काम करता है, जिसके पास जवाब देने की शक्ति नहीं है।


उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भ्रमित स्थिति में है। तेजस्वी ने कहा कि आयोग ने तीन अलग-अलग आदेश जारी किए, जो आपस में विरोधाभासी हैं। विज्ञापन कुछ और कहते हैं, जबकि आधिकारिक आदेश कुछ और कहते हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि विज्ञापन में कहा गया कि बिना दस्तावेज भी गणना प्रपत्र जमा किया जा सकता है, लेकिन आदेश में इसके विपरीत बात है।


तेजस्वी ने सवाल उठाया कि अगर नया वोटर कार्ड बनाने के लिए आधार कार्ड मान्य है, तो पुनरीक्षण प्रक्रिया में इसे क्यों नहीं स्वीकार किया जा रहा है? उन्होंने चुनाव आयोग से शंकाओं का बिंदुवार जवाब और पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने यह भी पूछा कि इस पुनरीक्षण कार्य में लगे लोग कौन हैं सरकारी कर्मचारी हैं या निजी एजेंसी से हैं? आयोग को उनकी सूची सार्वजनिक करनी चाहिए।


वहीं, गठबंधन दल कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग पूरी तरह से भ्रमित है और उसे यह तय नहीं है कि कौन-सा निर्देश लागू किया जाए और कौन-सा नहीं। कांग्रेस ने घोषणा की कि 9 जुलाई को पूरे बिहार में चक्का जाम किया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी इस आंदोलन में शामिल होंगे।

रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें