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‘अमंगल दोष’ से ग्रसित बिहार का स्वास्थ्य विभाग बना नरक!.. सरकारी अस्पताल का शर्मनाक वीडियो शेयर कर तेजस्वी ने बोला हमला

Bihar Politics: गया मेडिकल कॉलेज अस्पताल का वीडियो शेयर कर तेजस्वी यादव ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर निशाना साधा है. बिहार के सरकारी अस्पताल में बुजुर्ग मरीज को स्ट्रेचर नहीं मिलने पर तेजस्वी ने हमला बोला है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 08, 2026, 12:05:27 PM

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तेजस्वी यादव का बड़ा हमला - फ़ोटो Google

Bihar Politics: बिहार में स्वास्थ्य की बदहाली को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बड़ा हमला बोला है। तेजस्वी ने गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल का एक शर्मनाक वीडियो एक्स पर शेयर किया है। इस वीडियो में स्ट्रेचर नहीं मिलने पर एक पोता अपनी दादी को स्कूटी पर बैठाकर वार्ड से बाहर लाता दिख रहा है। तेजस्वी ने इसको लेकर बिहार की सरकार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर तीखा तंज किया है।


तेजस्वी यादव ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “बिहार के अस्पतालों में कहीं डॉक्टर नहीं, कहीं रूई नहीं-रूई है तो सुई नहीं, कहीं दवा नहीं, कहीं बेड नहीं… और अब हालत यह है कि अस्पताल में मरीज के लिए व्हील चेयर तक उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में मरीज को कभी साईकिल, कभी चारपाई, कभी स्कूटर पर बैठाकर ले जाना पड़ रहा है।


अमंगल सरकार में समूचे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट हो चुकी है। भाजपा-जदयू की सरकार बताए, जब अस्पताल में डॉक्टर नहीं, व्हील चेयर नहीं, दवा नहीं, इलाज की व्यवस्था नहीं, स्वास्थ्य कर्मी नहीं तो इसे अस्पताल कहा ही क्यों जाए?


ईंट-गारे का ढांचा खड़ा कर फिर उसे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कह देने से स्वास्थ्य सेवा, सुविधा और व्यवस्था सुदृढ़ नहीं होती है? ये बिल्डिंग इसलिए बनाते और बनवाये है कि इसमें मोटा कमीशन खा सके अन्यथा बिना चिकित्सकों, नर्सों, ड्रेसर, लैब टेक्निशियन इत्यादि की भर्ती के बिना अस्पतालों के इन भवनों में कबूतर ही रहेंगे।


सत्ता के अहंकार में डूबी इस एनडीए सरकार को शायद गरीबों का यह दर्द दिखाई नहीं देता? क्योंकि इन्हें कुर्सी से मतलब है, भ्रष्टाचार से मतलब है, बिहार से नहीं। बिहार के सरकारी अस्पताल मरीजों के लिए रेफरल पॉइंट बन गए है, जहां से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है।


स्वास्थ्य मंत्री रहते हमने 17 महीनों में स्वास्थ्य विभाग में जो सकारात्मक कार्य किए थे उन सभी को इन भ्रष्ट लोगों ने दरकिनार कर फिर से दलालों और मेडिकल माफियाओं को बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को सौंप दिया है”।