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जो सरकार खुद के लिए समस्या है वह जनता का क्या समाधान करेगी? तेजस्वी यादव का हमला, कहा- सिर्फ तीन लोग मनमानी कर चला रहे बिहार

Bihar Politics: तेजस्वी यादव ने बिहार की एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में सिर्फ तीन लोग मनमानी तरीके से शासन चला रहे हैं और सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने में विफल है।

Bihar Politics
तेजस्वी यादव का बड़ा हमला
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार की एनडीए सरकार पर हमला बोला है। तेजस्वी ने सोशल मीडिया पर लंबा-चौड़ा पोस्ट किया है और सम्राट सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि सिर्फ तीन लोग मनमाने तरीके से बिहार को चला रहे है। तेजस्वी ने कहा कि जो सरकार खुद के लिए समस्या है वह जनता की समस्या का समाधान क्या करेगी?


तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, “बिहार विधानसभा चुनाव उपरांत 𝟔 महीने में ही राज्य ने दो मुख्यमंत्री देख लिए है। षड्यंत्र से बनी इस पथभ्रष्ट सरकार के प्रथम वर्ष के कार्यकाल का 𝟒𝟔.𝟎𝟑% समय व्यर्थ हो चुका है। बिहारवासियों के लिए यह अति निंदनीय एव चिंतनीय प्रश्न है कि लगभग 𝟓𝟎 फ़ीसदी समय गंवाने के पश्चात भी इस सरकार की प्राथमिकताएं, लक्ष्य, कार्यक्रम और नीतियां स्पष्ट व निर्धारित नहीं है?


एक पखवाड़े से केवल 𝟑 लोग ही बिहार चला रहे है। अधूरे मंत्रिमंडल के साथ बिना विमर्श, चिंतन और मनन के ये लोग अलोकतांत्रिक तरीके से मनमर्जी के निर्णय ले रहे है।  सत्तालोलुप 𝐍𝐃𝐀 नेताओं ने नैतिकता और लोक लाज की सारी मर्यादाएं त्याग कर प्रदेश को अपनी तृष्णा पूर्ति का अखाड़ा बना लिया है। विगत 𝟔 साल में 𝟓 बार और 𝟏𝟐 वर्षों में 𝟏𝟎 बार सरकार का गठन-पुनर्गठन हुआ है जिसमें चंचल व्यग्र मन के धनी सत्ताकामी श्री नीतीश कुमार ने कारण-अकारण 𝟖 बार मुख्यमंत्री की शपथ ली है। उनकी इस बेसबब क्षणभंगुर विचारधारा और दिग्भ्रमित उत्कंठा ने शासकीय व्यवस्था को अंधेरे में धकेल प्रशासनिक अराजकता, सामाजिक अस्थिरता व अनिर्णय की स्थिति उत्पन्न कर बिहार को दिशाहीन तथा बिहारवासियों को उपहास का पात्र बनाया है।


आज बिहार बेलगाम नौकरशाही, अनियंत्रित भ्रष्टाचार, ध्वस्त विधि व्यवस्था, वित्तीय कुप्रबंधन, अपारदर्शी कार्यशैली, अनुशासनहीनता, भ्रष्ट कार्य संस्कृति, गरीबी, पलायन, बेरोजगारी और अविश्वास के दुष्चक्र में फंसा हुआ है। बिहार के आवाम को अब इस निरर्थक सरकार से कोई उम्मीद शेष नहीं है। सम्पूर्ण देश जानता है कि तंत्र-यंत्र और षड्यंत्र से अर्जित कथित बहुमत से निर्मित यह असंवेदनशील सरकार अपने कार्यकाल में आमजनों की बजाय तंत्र में बैठे लोगों की पोषक बनकर ही कार्य करेगी।


नई सरकार के 𝟔 महीनों में ही प्रदेशवासी उदासीन हो चुके है। गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही 𝟐𝟏 वर्षों की एनडीए सरकार की कार्य प्रणाली से बिहार के युवा, महिला, छात्र, किसान, कर्मचारी और व्यापारी अब नाउम्मीद हो चुके है। जो सरकार ख़ुद स्वयं के लिए समस्या है वह जनता का क्या समाधान करेगी?”

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

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