1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Fri, 07 Nov 2025 05:41:24 PM IST
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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच पटना से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। तेज प्रताप यादव पटना एयरपोर्ट पर बीजेपी सांसद रवि किशन के साथ नजर आए हैं। तेज प्रताप यादव ने कहा है कि बिहार का जो विकास करेगा वह उसके साथ हैं वहीं सांसद रवि किशन ने कहा है कि भोलेनाथ के भक्तों के लिए बीजेपी के दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि किया बिहार चुनाव के बाद तेज प्रताप यादव बिहार चुनाव के बाद एनडीए के साथ जाएंगे।
दरअसल, आरजेडी और परिवार से बेदखल हुए लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव बिहार चुनाव में अपने बूते कुछ कर दिखाने की चाह रखते हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई और बिहार चुनाव में पूरी मजबूती के साथ उतरे हैं। जनशक्ति जनता दल से महुआ सीट से चुनाव लड़ रहे तेज प्रताप यादव ने ऐलान किया है कि विधानसभा चुनाव के बाद जो गठबंधन सरकार बनाएगी वह शर्तों के साथ उसका समर्थन करेंगे।
तेज प्रताप यादव के इस एलान के बाद बिहार की सियासत में कयासों के बाजार गर्म हैं। लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अगर बिहार की सत्ता में एनडी की वापसी होती है तो क्या तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल एनडीए को सपोर्ट करेगी? तमाम तरह के कयासों के बीच तेज प्रताप यादव शुक्रवार को पटना एयरपोर्ट पर गोरखपुर के बीजेपी सांसद रवि किशन के साथ नजर आए।
हालांकि, मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि आज पहली बार रवि किशन जी से मुलाकात हुई है। ये भगवान के भक्त हैं और हम भी महादेव के भक्त हैं और यहां हम दोनों की मुलाकात हो गई। जब उनसे पूछा गया कि चुनाव के बाद कुछ अलग तस्वीर दिखेगी? इस पर तेज प्रताप ने कहा कि हमने तो पहले ही कहा है कि जो बेरोजगारी मिटाएगा और जो रोजगार देगा हम उसके साथ रहेंगे। हम भी टीका लगाते हैं और ये भी टीका लगाते है, प्रशंसा क्यों नहीं करेंगे।
वहीं बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा कि तेज प्रताप यादव अच्छे दिल के व्यक्ति हैं और भोलेनाथ के भक्त है। जो इनके दिल में होता है वही जुबान पर भी होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा में सभी औघड़दानी, भोलेनाथ के भक्त और हमारे प्रधानमंत्री भी भोलेनाथ के भक्त हैं तो सारे लोग जिनका लक्ष्य सेवा है, उसके लिए तो भाजपा सदैव अपना पूरा सीना खोलकर रखती है। यह बात किसी से छीपी नहीं है और तेज प्रताप की छवि एक नि:स्वार्थ सेवक की है।