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किसान के बेटे शिवराज ने UPSC में हासिल की सफलता, चौथे प्रयास में 496वीं रैंक, बनमनखी के सौरभ रंजन को 567वां स्थान

पूर्णिया के बनमनखी के किसान परिवार से आने वाले शिवराज कुमार ने चौथे प्रयास में Union Public Service Commission परीक्षा में 496वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। वहीं बनमनखी के ही सौरभ रंजन ने 567वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र को गौरवान्वित किया।

बिहार न्यूज
परिवार में खुशी का माहौल
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PURNEA:किसान परिवार में जन्मे शिवराज कुमार ने अपने चौथे प्रयास में UPSC परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने गांव, शहर और जिले का नाम रोशन किया है। छह भाई-बहनों में सबसे छोटे शिवराज ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, धैर्य और लगातार मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।


शिवराज के पिता सुरेंद्र साह ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से बनमनखी प्रखंड के मोहनिया पंचायत का निवासी है। उन्होंने कहा कि बेटे की पढ़ाई की पूरी व्यवस्था उन्होंने खेती से होने वाली आय से ही की।


उन्होंने बताया कि शिवराज का यह यूपीएससी में चौथा प्रयास था। इससे पहले वह दो बार मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू तक पहुंच चुके थे, जिससे उनकी क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है। आखिरकार इस बार उन्होंने 496वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की।


वहीं बनमनखी के काझी निवासी एलआईसी एजेंट राजकुमार झा के पुत्र सौरभ रंजन ने भी यूपीएससी परीक्षा में 567वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।


दोनों युवाओं की इस उपलब्धि से बनमनखी और आसपास के इलाके में खुशी की लहर है। स्थानीय लोग उनकी सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।

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