Bihar Politics: बिहार की राजनीति में अपने अलग अंदाज के लिए जाने जाने वाले तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका नया सोशल मीडिया पोस्ट है, जिसमें उन्होंने खुद को ‘महाकाल भक्त’ और ‘श्रद्धा व साहस का प्रतीक’ बताया है। यह पोस्ट ऐसे समय आया है, जब राज्य में सियासी हलचल तेज है और अंदरूनी संदेशों को लेकर अटकलें भी बढ़ गई हैं।
तेज प्रताप ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनका नाम पूरे इलाके में श्रद्धा और साहस के साथ लिया जाता है। साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि “जो महाकाल के भक्त को दुश्मन बनाएगा, वह टिक नहीं पाएगा।” इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे केवल आस्था नहीं, बल्कि एक पावर सिग्नल और विरोधियों के लिए संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
बता दें कि तेज प्रताप यादव पहले भी कभी भगवान कृष्ण, तो कभी शिवभक्त के रूप में नजर आते रहे हैं। उनकी यह बहुरंगी छवि उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है, लेकिन इस बार उनका अंदाज ज्यादा सीधा और आक्रामक नजर आ रहा है। हाल ही में उनके जन्मदिन पर लालू प्रसाद यादव का पहुंचना भी सियासी संकेत माना गया था।
ऐसे में तेज प्रताप का यह नया पोस्ट पार्टी और परिवार के भीतर उनकी भूमिका और सक्रियता को लेकर नए संकेत दे रहा है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन “दुश्मनी” और “चेतावनी” जैसे शब्दों ने बिहार की राजनीति का तापमान जरूर बढ़ा दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि तेज प्रताप यादव का यह पोस्ट आने वाले दिनों में नई सियासी रणनीति या लाइन का संकेत दे सकता है।

