Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व विधायक प्रेमशंकर यादव की कानूनी परेशानियां बढ़ती नजर आ रही हैं। गोपालगंज व्यवहार न्यायालय ने मानहानि के एक मामले में उनके खिलाफ समन जारी किया है। यह मामला वर्ष 2022 में इंटरनेट मीडिया पर दिए गए एक बयान से जुड़ा हुआ है।
एसीजेएम-प्रथम गोपाल प्रसाद की अदालत ने मामले में संज्ञान लेते हुए पूर्व विधायक को निर्धारित तिथि पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि तय तिथि पर उपस्थित नहीं होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2022 को बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक प्रेमशंकर यादव ने इंटरनेट मीडिया पर एक बयान जारी किया था। आरोप है कि उन्होंने उस बयान में नारायणी रिवर फ्रंट निर्माण कार्य में 40 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप तत्कालीन विधायक और वर्तमान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर लगाया था।
इसके साथ ही बयान में जातीय वैमनस्यता फैलाने संबंधी टिप्पणियां किए जाने का भी आरोप है। इसी मामले को आधार बनाते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की ओर से गोपालगंज न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर कराया गया था।
सुनवाई के बाद अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता पाया और पूर्व विधायक के खिलाफ समन जारी कर दिया। शिक्षा मंत्री के अधिवक्ता राजेश पाठक ने बताया कि अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को सदेह उपस्थित होने का निर्देश दिया है। समन जारी होने के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
