ब्रेकिंग
बिहार में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बवाल, लोगों ने प्रशासन की टीम पर बोला हमला; महिला पुलिसकर्मी समेत दो घायलघूसखोर अफसर बुरे फंसे...5000 रू की रिश्वत ने कहीं का नहीं छोड़ा, विजिलेंस ने दर्ज किया था, जेल भी गए अब मिली यह सजा...बिहार में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को कुचला, दोनों की मौके पर मौतराज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बीजेपी में शामिल होने के बाद नई भूमिकाबिहार में हॉर्न बजाकर VIP कल्चर का विरोध, ट्रैफिक रोकने पर फूटा लोगों का गुस्सा बिहार में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बवाल, लोगों ने प्रशासन की टीम पर बोला हमला; महिला पुलिसकर्मी समेत दो घायलघूसखोर अफसर बुरे फंसे...5000 रू की रिश्वत ने कहीं का नहीं छोड़ा, विजिलेंस ने दर्ज किया था, जेल भी गए अब मिली यह सजा...बिहार में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को कुचला, दोनों की मौके पर मौतराज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बीजेपी में शामिल होने के बाद नई भूमिकाबिहार में हॉर्न बजाकर VIP कल्चर का विरोध, ट्रैफिक रोकने पर फूटा लोगों का गुस्सा

घूसखोर अफसर बुरे फंसे...5000 रू की रिश्वत ने कहीं का नहीं छोड़ा, विजिलेंस ने दर्ज किया था, जेल भी गए अब मिली यह सजा...

रिश्वतखोरी मामले में दोषी पाए गए रिटायर्ड बिहार प्रशासनिक सेवा अधिकारी दिनेश मालवीय पर बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने उनकी पेंशन से 20 फीसदी कटौती का आदेश दिया गया है। मामला 2011 में नरकटियागंज नगर परिषद में रिश्वत लेने के आरोप से जुड़ा है.

Bihar News, Bihar Administrative Service, Dinesh Malviya, Bribery Case Bihar, Narkatiaganj Nagar Parishad, Vigilance Bureau Bihar, Pension Cut, Bihar Corruption News, बिहार प्रशासनिक सेवा, रिश्वतखोरी
© Google
Viveka Nand
2 मिनट

Bihar News: अपने सहयोगी कर्मचारी के माध्यम से रिश्वत लेने के आरोपी बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को सरकार ने दंड दिया है. सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन राशि से 20 फ़ीसदी कटौती का दंड निर्धारित किया गया है. यह मामला 2011 का है.

निगरानी ब्यूरो ने 2011 में केस सं-48 दर्ज किया था. इस केस में नरकटियागंज नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी दिनेश मालवीय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. दिनेश मालवीय पर आरोप है की निगरानी ब्यूरो ने रिश्वतखोरी मामले में नगर परिषद के लिपिक नंदकिशोर मिश्र को ₹5000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया और उन्हें भागलपुर जेल भेजा गया. निगरानी ब्यूरो की रिपोर्ट में कहा गया कि तत्कालीन कार्यपालक प्राधिकारी अपने लिपिक नंदकिशोर मिश्र के माध्यम से रिश्वत ले रहे थे. रिश्वत की रकम लेते मिश्रा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था. नंदकिशोर मिश्रा से पूछताछ के बाद दिनेश मालवीय के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले. इसके बाद कोर्ट से गैर जमानती वारंट के आधार पर इन्हें गिरफ्तार किया गया था .

इस मामले में दिनेश मालवीय के खिलाफ 10 मार्च 2014 को विभागीय कार्यवाही संचालित की गई. सहकारिता विभाग के सचिव सह जांच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया. संचालन पदाधिकारी ने 16 सितंबर 2025 को जांच प्रतिवेदन दिया, जिसमें तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी नरकटियागंज दिनेश मालवीय के खिलाफ सभी आरोप प्रमाणित पाए गए.

संचालन पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट की समीक्षा की गई. इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने घूसखोर अधिकारी दिनेश मालवीय जो रिटायर हो चुके हैं, इनकी पेंशन से 20 फ़ीसदी राशि की कटौती करने, निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अलावा अतिरिक्त कुछ भी नहीं देने का दंड दिया है. 

रिपोर्टिंग
V

रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता