1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Wed, 21 Jan 2026 11:08:24 AM IST
आरसीपी के लिए जेडीयू के दरवाजे बंद! - फ़ोटो Google
Bihar Politics: बिहार में अपनी सियासी जमीन तलाश रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह एक बार फिर से जेडीयू में वापसी की कोशिश में लगे हैं हालांकि जेडीयू के नेता इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। जेडीयू सांसद और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पहले ही उनकी एंट्री को बैन कर दिया है। अब जेडीयू के एक और नेता ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि जेडीयू को आरपीसी सिंह जैसे नेता की कोई जरूरत नहीं है।
दरअसल, जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने पिछले दिनों एक बयान देकर बिहार की सियासत में हलचल बढ़ा दी थी। उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अपने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संबंधों की दुहाई देते हुए कहा था कि वह तो कभी जेडीयू से अलग ही नहीं हुए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी वापसी जेडीयू में हो रही है तो उन्होंने कहा था कि आनेवाला वक्त बताएगा।
आरसीपी के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में इस बात की चर्चा तेज हो गई कि एक बार फिर से वह अपने घर वापस लौट सकते हैं। हालांकि पिछले दिनों जेडीयू सांसद ललन सिंह ने दो टूक जवाब देते हुए कहा था कि ललन सिंह ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि पार्टी को गर्त में पहुंचाने वाले लोगों के लिए जेडीयू में कोई जगह नहीं है।
ललन सिंह ने कहा था कि, कौन आरसीपी सिंह, इन लोगों के लिए जेडीयू में कहीं स्थान नहीं है। जेडीयू के 72 से 42 पर पहुंचा दिए थे। इस पार्टी के जो समर्पित कार्यकर्ता हैं और बिहार की जनता ने फिर से नीतीश कुमार को 42 से 85 पर पहुंचा दिया। ऐसे में 72 से 42 पर पहुंचाने वाले लोग यहां आकर क्या ही करेंगे।
अब बिहार सरकार में जेडीयू कोटे से परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने भी स्पष्ट कह दिया है कि आरसीपी सिंह जैसे नेताओं की जेडीयू को जरूरत नहीं है। श्रवण कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार को कल तक आरसीपी सिंह बता रहे थे कि नीतीश कुमार बीमार हैं, तबीयत खराब है और कुछ काम के लायक नहीं हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आरसीपी सिंह जिस पार्टी में गए हैं उस पार्टी के नेता कह रहे थे कि 25 सीट भी आ जाएगा तो हम राजनीति छोड़ देंगे। नीतीश कुमार को फिनिश कर रहे थे लेकिन आखिर संन्यासी पार्टी के लोगों को आज क्या आवश्यकता पड़ गई। ऐसे लोगों की कोई जरूरत नहीं है, जो कल तक नीतीश कुमार को फिनिश कर रहे थे उसी के यहां आज माथा टेकने के लिए बेचैन है।
श्रवण कुमार ने कहा कि आरसीपी सिंह ने अपनी पार्टी बनाई थी। जब उनकी दुकान चलने लायक नहीं थी तो वह जनसुराज पार्टी में चले गए। जनसुराज पार्टी के नेता तक नीतीश कुमार को फिनिश कर रहे थे। नीतीश कुमार की पार्टी जब 85 सीट लाई विपक्ष पूरी तरीके से फिनिश हो गया। नीतीश कुमार के पास वह किस विचारधारा को चलाने के लिए आ रहे है?
रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना