ब्रेकिंग
JDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशJDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देश

'राष्ट्रवाद शब्द से हिटलरशाही झलकती है, इसका इस्तेमाल न करें'

RANCHI : राष्ट्रवाद शब्द का उपयोग मत कीजिए। नेशन कहेंगे चलेगा, नेशनल कहेंगे चलेगा, नेशनलिटी कहेंगे चलेगा, नेशनलिजम मत कहो। नेशनलिजम का मतलब होता है हिटलर का नाजीवाद। ऐसा कहा है कि

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

RANCHI : राष्ट्रवाद शब्द का उपयोग मत कीजिए। नेशन कहेंगे चलेगा, नेशनल कहेंगे चलेगा, नेशनलिटी कहेंगे चलेगा, नेशनलिजम मत कहो। नेशनलिजम का मतलब होता है हिटलर का नाजीवाद। ऐसा कहा है कि  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने।


आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रवाद शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। भागवत ने इसके मायने बताते हुए कहा कि अगर लोग राष्ट्रवाद शब्द का प्रयोग करते हैं तो इसका मतलब नाज़ी या हिटलर का राष्ट्रवाद होता है। दरअसल मोहन भागवत झारखंड के रांची स्थित मोहारबादी में आयोजित 'संघ समागम' में हिस्सा लेने पहुंचे थे और तभी उन्होंने ये बातें कहीं।


आरएसएस प्रमुख ने कहा कि भारत को बनाने में हिन्‍दुओं की जवाबदेही सबसे अधिक है। हिंदू अपने राष्‍ट्र के प्रति और जिम्‍मेदार बनें। उन्होंने कहा कि 'हिंदू' भारत के सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व करता है और उन्हें एक सूत्र में जोड़ता है। मोहन भागवत ने कहा कि RSS का विस्तार देश के लिए है क्योंकि भारत को विश्वगुरू बनाना हमारा लक्ष्य है। डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना भागवत ने कहा कि विकसित देश क्या करते हैं, वो अपने व्यापार को हर देश में फैलाना चाहते हैं। इसके जरिए वो अपनी शर्तों को मनवाना चाहते हैं। 

टैग्स