Bihar Politics: रोहिणी आचार्य के आरोपों के बाद चर्चा में आए रमीज की कुंडली खंगाल रही यूपी पुलिस, DGP ने क्रिमिनल हिस्ट्री की मांगी रिपोर्ट

Bihar Politics: बिहार चुनाव-2025 में आरजेडी की हार के बाद लालू परिवार से जुड़े विवाद में तेजस्वी यादव के करीबी रमीज खान सुर्खियों में आए। यूपी पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की रिपोर्ट डीजीपी कार्यालय को भेजी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Tue, 18 Nov 2025 12:52:50 PM IST

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Bihar Politics: बिहार चुनाव-2025 में आरजेडी की बड़ी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ा विवाद चर्चा में आ गया है। इसी बीच बलरामपुर के पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दामाद और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के करीबी रमीज खान अचानक सुर्खियों में आ गए। रमीज अब तक सार्वजनिक रूप से कम दिखाई देते थे, लेकिन लालू की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा उन पर गंभीर आरोप लगने के बाद बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक उनकी गतिविधियों की जांच शुरू हो गई।


रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोहिणी आचार्य के बयान के बाद यूपी पुलिस ने भी रमीज खान की पृष्ठभूमि खंगालना शुरू कर दिया। कौशाम्बी में उनकी कथित आपराधिक हिस्ट्री की जांच फिर से सक्रिय की गई है। डीजीपी कार्यालय ने रविवार देर रात रमीज से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तलब की। बताया गया कि कौशाम्बी के कोखराज थाना क्षेत्र में उनके खिलाफ दो मामले दर्ज हैं।


सूत्रों के अनुसार, पहला मामला हत्या से जुड़ा है। आरोप है कि रमीज खान ने प्रतापगढ़ के जेठवारा निवासी प्रॉपर्टी डीलर शकील की 25 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हत्या की थी और शव रोही बाईपास के पास फेंक दिया था। फरार रहने के दौरान पुलिस ने उन पर एक और मुकदमा दर्ज किया और वर्ष 2023 में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।


इसके अलावा रमीज पर आरोप है कि बिहार चुनाव के दौरान उन्होंने आरजेडी नेताओं के साथ मिलकर सनातन धर्म के खिलाफ हेट कैंपेनिंग चलाई और कई राजनीतिक नेताओं पर अभद्र टिप्पणियां भी कीं। चुनाव समाप्त होने के बाद यूपी सरकार भी सक्रिय हुई और रमीज खान की पूरी कुंडली खंगालने का निर्देश दिया। रविवार रात ही डीजीपी कार्यालय को कौशाम्बी में दर्ज मामलों की पूरी रिपोर्ट भेज दी गई।


चुनाव परिणाम आने के बाद रमीज खान का नाम इसलिए और प्रमुख हो गया क्योंकि लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने खुलकर उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। दावा किया जा रहा है कि बिहार चुनाव में भाजपा और सनातन धर्म के खिलाफ हेट कैंपेनिंग की रणनीति तैयार करने में रमीज की केंद्रीय भूमिका थी। कहा यह भी जा रहा है कि उन्होंने पश्चिमी यूपी के युवाओं की एक टीम बिहार भेजी थी। एएसपी राजेश कुमार ने पुष्टि की कि रमीज खान के खिलाफ डीजीपी कार्यालय ने रिपोर्ट मांगी थी। कोखराज थाना में दर्ज दोनों मामलों का ब्यौरा भेज दिया गया है।