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Bihar Politics: अपने ही क्षेत्र में बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का भारी विरोध, राजेश राम गो बैक के लगे नारे; फजीहत के बाद बचकर निकले

Bihar Politics: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के खिलाफ उनके ही विधानसभा क्षेत्र कुटुंबा में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गुस्साए लोगों ने शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान राजेश राम 'गो बैक' के नारे लगाए।

Bihar Politics
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Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव आने के साथ ही विभिन्न दलों के नेता एक बार फिर से झांसा देने के लिए जनता के बीच पहुंच रहे हैं। इस दौरान लोगों की नाराजगी का सामना भी नेताओं को करना पड़ रहा है। आरजेडी विधायक आलोक मेहता के बाद अब बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम का उनके ही क्षेत्र में भारी विरोध हुआ है।


दरअसल, कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके राजेश राम की राजनीतिक मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पार्टी के भीतर लंबे समय से उन पर यह आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेताओं को कभी अपने कार्यक्रमों में नहीं बुलाया और खुद को उम्मीदवार घोषित कर पार्टी प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है।


हाल ही में कुटुंबा में राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व पर्यटन मंत्री सुरेश पासवान द्वारा आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन ने यह संकेत दिया कि क्षेत्र में इंडिया गठबंधन की स्थिति अस्थिर है और आपसी समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है। अब एक नया विवाद शनिवार शाम उस वक्त सामने आया जब राजेश राम पथरा गांव स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय के शिलान्यास समारोह में पहुंचे। 


कार्यक्रम स्थल पर पहले से मौजूद कुछ युवाओं ने विरोध करना शुरू कर दिया और 'गो बैक' के नारे लगाए। विरोध करने वालों के हाथों में राजद के झंडे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग राजेश राम की गाड़ी के पीछे गो बैक के नारे लगा रहे थे। लोगों के आक्रोश को देखते हुए राजेश राम को वहां से किसी तरह से भागना पड़ा। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि जैसे ही राजेश राम कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, नारेबाज़ी शुरू हो गई। विरोध केवल उनके आगमन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जब वे मंच से भाषण दे रहे थे, तब भी यह प्रदर्शन जारी रहा। हालांकि विरोध के बावजूद राजेश राम ने विद्यालय भवन का शिलान्यास किया और सभा को संबोधित किया। 


अपने भाषण में उन्होंने विरोध करने वाले युवाओं को छोटे भाई बताते हुए कहा कि उनकी नाराज़गी को बातचीत से दूर किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी लड़ाई वोट चोरों के खिलाफ है, जिसे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और महागठबंधन के अन्य नेता मिलकर लड़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं से शांत होने और कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान भी किया। राजेश राम ने कहा कि नाराज़गी पर चर्चा की जा सकती है, लेकिन इस समय हमें अपने उद्देश्य से भटकना नहीं चाहिए।


दूसरी ओर, राजद समर्थकों ने आरोप लगाया कि राजेश राम ने दो बार विधायक रहने के बावजूद कार्यकर्ताओं को कभी प्राथमिकता नहीं दी और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में विफल रहे। इसी कारण अब क्षेत्र में उनके प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है और उनकी भविष्य की उम्मीदवारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।





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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

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