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मानहानि केस में राहुल गांधी को बड़ी राहत, MP/MLA कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

Rahul Gandhi: सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि उनकी टिप्पणी मानहानिकारक नहीं थी। फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।

Rahul Gandhi
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहत मिली है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट ने 26 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को बरी कर दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने कहा कि राहुल गांधी की संबंधित टिप्पणी मानहानिकारक प्रकृति की नहीं थी। फैसले के समय राहुल गांधी अदालत में मौजूद थे।




फैसले के बाद अदालत परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। इसके बाद राहुल गांधी लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इस फैसले के साथ निचली अदालत में उनके खिलाफ चल रही आपराधिक मानहानि की कार्यवाही समाप्त हो गई है। हालांकि, शिकायतकर्ता के पास फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का विकल्प है।




यह मामला मई 2018 का है, जब राहुल गांधी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बेंगलुरु में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। राहुल गांधी ने कहा था कि भारत के लोग यह भूल जाते हैं कि भाजपा के अध्यक्ष हत्या के मामले में आरोपी हैं।




यह टिप्पणी सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले के संदर्भ में की गई थी। अमित शाह को 2014 में मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने इस मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया था। राहुल गांधी के बयान को लेकर स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा और राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करना पड़ा।




सुल्तानपुर की MP/MLA अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया था। 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश होने के बाद उन्हें जमानत मिल गई। जुलाई 2024 में राहुल गांधी ने अपना बयान दर्ज कराया और आरोपों से इनकार किया। उन्होंने अपने पक्ष में कहा था कि शिकायत राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।




मुकदमे के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने गवाह और साक्ष्य पेश किए। शिकायतकर्ता की ओर से राहुल गांधी की कथित आवाज के नमूने का रिकॉर्डिंग से मिलान कराने की मांग भी की गई थी। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद इस आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी निचली अदालत और हाईकोर्ट में सफल नहीं हुईं।




अक्टूबर 2026 में दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 26 अक्टूबर को फैसले की तारीख तय की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने राहुल गांधी को बरी कर दिया और कहा कि उनकी टिप्पणी को मानहानिकारक नहीं माना जा सकता।




इस फैसले से अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अब आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि शिकायतकर्ता अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देता है या नहीं। मानहानि मामले में अदालत के फैसले के बाद राहुल गांधी लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता