MOTIHARI: जनसुराज के बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज समर्थित प्रत्याशी अशफाक अहमद के पक्ष में शिक्षकों से संवाद करने मोतिहारी पहुंचे। एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में प्रशांत किशोर ने शिक्षकों के सामने अपने तीन चुनावी मुद्दों को रख और उसके बारे में बताया
जनसुराज के प्रशांत किशोर मोतिहारी में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी अशफाक अहमद के समर्थन में शिक्षकों से संवाद करने पहुंचे. उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कराने, वित्त रहित शिक्षकों को वेतनमान देने और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से दूर रखने की बात कही। साथ ही राहुल गांधी और देश में जारी आंदोलनों पर भी अपनी राय रखी।
वहीं उनके तीनों चुनावी मुद्दों को क्रियान्वित करने से संबंधित शिक्षकों द्वारा पूछे गए सवालों का भी पीके ने जबाब दिया।पीके ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशांत किशोर ने यह ठान लिया है।सभी शिक्षकों को लोकसभा चुनाव से पहले सातवां वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने,वित्तरहित शिक्षकों को वेतनमान देने और शिक्षकों को गैर शैक्षनिक कार्यों से दूर रखने का कार्य वह करेंगे।वहीं पीके ने शिक्षकों से जात-पात से उपर उठकर सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज प्रत्याशी अशफाक अहमद को एकमुश्त वोट करने की अपील की।
इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने शिक्षकों के मुद्दों पर चर्चा की।वहीं दिल्ली में राहुल गांधी द्वारा सीजेआई से मिलने के प्रयास में असफल रहने और सीजेआई द्वारा राहुल गांधी को दिए गए जबाब को लेकर प्रशांत किशोर से पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग,जो वर्तमान के चुनावी प्रकिया से सहमत नहीं है।वह आंदोलन कर रहा है।
शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक से परेशान छात्र आंदोलन कर रहे हैं।बेरोजगारी से परेशान युवा आंदोलन कर रहे हैं।जबतक यह समस्या खत्म नहीं होगी।तबतक यह आंदोलन किसी-न-किसी नेता,बैनर और झंडा के नेतृत्व में चलता हीं रहेगा।यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है।यह आंदोलन राहुल गांधी समेत कोई भी चाहेगा।वह नहीं रुकेगा।लोग अपनी समस्याओं से इतना परेशान हैं कि लोग सड़क पर डंडा खाने को तैयार हैं।
प्रशांत किशोर ने इस आंदोलन के पीछे की समस्याओं को बताते हुए कहा कि शिक्षा के व्यवसायीकरण और कोचिंग संस्थाओं के प्रभुत्व बढ़ने के कारण पेपर लीक समेत अन्य समस्यायें उत्पन्न हुई।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण व्हाइट कॉलर जॉब में भारी कमी आई है।वहीं देश की अर्थव्यवस्था काफी धीमा हुआ है।जिसकारण कृषि कार्य से जुड़े पहले से परेशान लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है।तो ये सब लोग आपस में जुड़ गए हैं और आंदोलन कर रहे हैं।
मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट




