Bihar Politics: दिल्ली से पटना तक छात्रों के आंदोलन पर सरकार के मंत्री का जवाब आया है। बिहार विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने पहुंचे मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि आंदोलन होना चाहिए और अगर कोई भी मुद्दा हो तो उसे उठाना चाहिए लेकिन ये छात्र नहीं उठा रहे हैं बल्कि प्रायोजित है। राजनीतिक दलों के जो नेता हैं उनके बहकावे में आकर इस तरह की वारदात हो रही है।
मंत्री ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन होना चाहिए। लोकतंत्र में सभी को अपना अधिकार मांगने और बात रखने का हक होता है लेकिन जिस तरह से बुधवार को राजनीतिक दलों खासकर आरजेडी और कांग्रेस के लोगों ने पटना में घटनाएं की हैं वह निंदनीय है। बिहार में कानून अपने हिसाब से काम करता है। यह सरकार न किसी को फंसाती है और ना ही बचाने का काम करती है।
उन्होंने कहा कि अगर पत्रकारों को पीटा, पुलिस वालों को पीटा, पत्थर फेंका है, विधायकों को अपमानित किया है, जो लोग भी इसमें शामिल हैं सरकार उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगी। वहीं सम्राट सरकार के 100 दिन पूरे होने पर मंत्री ने कहा कि इस दौरान जो भी काम हुए हैं वे बेमिसाल हैं। नीतीश कुमार ने जिस काम को अधूरा छोड़ा था उसे पूरा करने में सरकार लगी हुई है।
मंत्री ने कहा कि आंदोलन करने वाले छात्र नहीं थे, पढ़ने लिखने वाले लोग इस तरह से हठधर्मिता नहीं करते हैं। 20 साल के शासनकाल में नीतीश कुमार ने बिहार के विद्यार्थियों के लिए जो काम किया है उसका जोड़ा देश का कोई भी राज्य नहीं लगा सकता है। बिहार की सरकार सभी तबके के लोगों की तरक्की के लिए काम कर रही है, लोगों के विश्वास रखना चाहिए।
रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना





